आगामी ग्रीष्म ऋतु में पेयजल, चारा व चिकित्सा सेवाओं का हो बेहतर प्रबंधन - जिला कलक्टर
उदयपुर, । राजस्व प्रकरणों की समीक्षा तथा अवैध खनन की रोकथाम को लेकर बैठक शुक्रवार को जिला कलक्टर नमित मेहता की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में हुई।
बैठक में जिला कलक्टर मेहता ने राजस्व न्यायालय से जुड़े कार्यों में पूर्ण गंभीरता बरतने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री का राजस्व प्रकरणों पर विशेष फोकस है, इसलिए कोर्ट के कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाए। बैठक में राजस्व से जुड़े प्रकरणों यथा जीसीएमएस से प्राप्त केसेज, पत्थरगढ़ी, नामांतरण, धारा 53, धारा 251 सहित अन्य प्रकरणों की उपखंड वार समीक्षा की। जिला कलक्टर ने लंबित प्रकरणों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए पाबंद किया। श्री मेहता ने ई फाइलिंग की समीक्षा करते हुए सभी कार्य ई फाइलिंग से करने तथा फाइल्स का समयबद्ध डिस्पोजल करने के भी निर्देश दिए।
जिला कलक्टर ने आगामी ग्रीष्म ऋतु के मद्देनजर सभी उपखण्ड अधिकारियों और तहसीलदारों को अपने-अपने क्षेत्र में स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने पेयजल की दृष्टि से संवेदनशील स्थलों का चिन्हिकरण करते हुए वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर आवश्यक कार्यवाही समय रहते सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पशुओं के लिए पेयजल तथा चारे की व्यवस्था को लेकर भी गंभीरता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र के चिकित्सा संस्थानों में मौसमी बीमारियों को लेकर आवश्यक दवाओं सहित अन्य सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने की हिदायत दी।
जिला कलक्टर ने सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में राजकीय भवनों की स्थिति की जानकारी लेने तथा जर्जरहाल भवनों में कार्यालय, स्कूल, हॉस्टल अथवा अस्पताल आदि संचालित नहीं किए जाने को लेकर भी पाबंद किया। उन्होंने कहा कि आवश्यकता होने पर किराए के भवन को लेकर प्रस्ताव भिजवाएं, लेकिन किसी भी स्थिति में जर्जरहाल भवन में संचालन नहीं होना चाहिए।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रशासन दीपेंद्रसिंह राठौड़, एडीएम सिटी जितेंद्र ओझा, प्रशिक्षु आइएएस सृष्टि डबास, एसडीएम गिर्वा अवुला सांईकृष्ण, एसडीएम गोगुन्दा शुभम् भैसारे सहित सभी उपखण्ड अधिकारी, तहसीलदार आदि उपस्थित रहे।
