जयपुर में रह कर तैयारी कर रही जनजाति छात्राओं को मिलेगी निःशुल्क आवास और भोजन सुविधा

By :  vijay
Update: 2025-10-10 19:00 GMT


उदयपुर । जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग, राजस्थान सरकार की ओर से जयपुर स्थित शिक्षा कौशल प्रशिक्षण एवं ट्रेनिंग सेंटर, जनजाति भवन में जनजाति वर्ग की छात्राओं के लिए बड़ा अवसर प्रदान किया गया है। आईआईटी-जेईई/नीट 2026 एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाली जनजाति वर्ग की छात्राओं को अब जयपुर में निःशुल्क आवास एवं भोजन की सुविधा दी जाएगी।

जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग के आयुक्त कन्हैयालाल स्वामी ने बताया कि यह सुविधा मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना के अंतर्गत चयनित छात्राओं को उपलब्ध कराई जाएगी, जो जयपुर में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही हैं और किराये पर कमरा लेकर रहने में असमर्थ हैं। इसके लिए पात्र छात्राओं 11 अक्टूबर से ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 27 अक्टूबर रहेगी।

प्रवेश के लिए गाइडलाइन एवं शर्तें

आयुक्त श्री स्वामी ने बताया कि प्रवेश केवल अनुसूचित जनजाति वर्ग की छात्राओं को दिया जाएगा। जिन छात्राओं के अभिभावक जयपुर मुख्यालय पर नहीं रहते, आयकरदाता नहीं हैं और जयपुर से 20 किमी के दायरे में स्वयं का मकान नहीं है, वही पात्र होंगी। प्रवेश में बीपीएल परिवार, विकलांग छात्राएं, अनाथ एवं विधवा महिलाओं की बेटियों को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रवेश के लिए मेरिट सूची 10वीं ( आईआईटी-जेईई/नीट हेतु) एवं स्नातक परीक्षा (अन्य परीक्षाओं हेतु) के अंकों के आधार पर बनेगी। एक परिवार से अधिकतम दो छात्राओं को ही प्रवेश दिया जाएगा। चतुर्थ श्रेणी या समकक्ष के कर्मचारियों को छोड़कर शेष राजकीय कर्मचारी की संतानों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

70 फीसदी सीटें अनुसूचित क्षेत्र के लिए

आयुक्त ने बताया कि निःशुल्क भोजन व आवास सुविधा के लिए कुल सीटों में से 70 प्रतिशत सीटें अनुसूचित क्षेत्र की छात्राओं के लिए आरक्षित रहेंगी। 25 सीटें गैर-अनुसूचित क्षेत्र की छात्राओं के लिए तथा 5 प्रतिशत सीटें सहरिया क्षेत्र की छात्राओं के लिए आरक्षित रहेंगी। अनुसूचित एवं सहरिया क्षेत्र हेतु आरक्षित सीटें गैर-अनुसूचित क्षेत्र से नहीं भरी जाएंगी। आईआईटी-जेईई/नीट की तैयारी करने वाली छात्राओं को दो वर्ष तक आवास एवं भोजन सुविधा का लाभ मिलेगा। यदि कोई छात्रा परीक्षा में सफल नहीं होती है, तो पुनः तैयारी हेतु पुनः प्रवेश पर विचार किया जा सकेगा।

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