खारी नदी में नियमों की अनदेखी पर भड़के ग्रामीण, तहसीलदार को ज्ञापन सौंप बजरी खनन पर पाबंदी की मांग
फूलियाकलां (राजेश शर्मा) / भीलवाड़ा हलचल। खारी नदी में बजरी खनन को लेकर क्षेत्र के ग्रामीणों ने लामबंद होते हुए प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। फूलियाकलां, सणगारी, रामपुरा और गणपतियां खेड़ा के ग्रामीणों ने मंगलवार को तहसीलदार रामदेव धाकड़ को ज्ञापन सौंपकर बजरी ठेकेदार द्वारा नियमों के उल्लंघन की आशंका जताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन में बताया गया कि ठेकेदार द्वारा कांटा लगाने की औपचारिकता की जा रही है, लेकिन खनन की शर्तों का पालन नहीं हो रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि खनन शुरू होने से पूर्व ठेकेदार को NGT (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) के नियमों की पालना के लिए पाबंद किया जाए।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें:
सीमा ज्ञान: जिस क्षेत्र के लिए लीज जारी हुई है, वहां निर्धारित पिलर लगाकर मार्किंग की जाए ताकि अवैध खनन न हो सके।
CCTV निगरानी: धर्मकांटे पर अनिवार्य रूप से सीसी कैमरे लगाए जाएं ताकि वाहनों की आवाजाही और समय का रिकॉर्ड रहे।
बस्ती से प्रतिबंध: बजरी से भरे वाहनों को आवासीय बस्ती से निकलने पर पूर्णतया रोक लगाई जाए।
बोर्ड स्थापना: खनन क्षेत्र के बाहर निविदा की शर्तों और नियमों का बोर्ड लगाया जाए।
ग्रामीणों ने कहा कि खारी नदी आसपास के गांवों की जीवन रेखा है। अक्सर देखा गया है कि लीज धारक पूरी नदी को खोद देते हैं, जिससे पर्यावरण और जल स्तर को भारी नुकसान पहुंचता है।
ये रहे मौजूद:
ज्ञापन सौंपते समय आसाराम, शंकर माली, मुकेश, दुर्गा लाल शर्मा, बद्रीलाल जाट, सांवरलाल, महावीर माली, किशन लाल माली, सांवर लाल गोदारा, रामधन जाट, घनश्याम जाट सहित चारों गांवों के सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे।
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