गड्ढा बना मुसीबत का दरवाजा: सिंधी कॉलोनी के मुहाने पर टूटी नाली से राहगीर बेहाल

Update: 2026-03-15 16:43 GMT


शाहपुरा। मूलचन्द पेसवानी  नगर पालिका शाहपुरा की कार्यप्रणाली कई बार सवालों के घेरे में आ जाती है, लेकिन शाहपुरा की सिंधी कॉलोनी के मुहाने पर भाणा गणेश से खान्या का बालाजी रोड पर जो नजारा दिखाई दे रहा है, वह तो मानो लापरवाही की खुली कहानी बयान कर रहा है। यहां सड़क पर बना एक बड़ा खड्डा न केवल नगर पालिका की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहा है, बल्कि कॉलोनी में आने-जाने वाले लोगों के लिए रोज़ाना की परेशानी भी बन गया है।

कहने को यह सिर्फ एक खड्डा है, लेकिन असल में यह खड्डा पूरे इलाके के लोगों की मुश्किलों का गवाह बन चुका है। सिंधी कॉलोनी में प्रवेश करने वाले नागरिक जब इस रास्ते से गुजरते हैं तो उन्हें अपने कदम संभालकर रखने पड़ते हैं। बरसात हो या अंधेरा, यह गड्ढा किसी भी वक्त दुर्घटना को न्योता दे सकता है।

दरअसल कुछ माह पहले नाले में कचरा फंस जाने के कारण नगर पालिका के सफाई कार्मिक यहां पहुंचे थे। सफाई के दौरान जेसीबी मशीन की मदद से नाले में जमा कचरा तो निकाल दिया गया, लेकिन इस प्रक्रिया में नाली को ढकने वाले सभी कंक्रीट कवर भी तोड़ दिये गये। कचरा साफ होने के बाद सफाई दल तो चला गया, मगर टूटी नाली और सड़क पर बना खड्डा वहीं का वहीं छोड़ दिया गया।

नियमों के अनुसार ऐसी स्थिति में सफाई कार्मिकों को इसकी सूचना नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों और निर्माण शाखा को देनी चाहिए थी, ताकि टूटे हिस्से की मरम्मत करवाई जा सके। लेकिन सवाल यह उठता है कि आखिर यह जिम्मेदारी निभाने की जहमत कौन उठाए? नतीजा यह हुआ कि काम अधूरा छोड़ दिया गया और परेशानी जनता के हिस्से आ गई।

सबसे दिलचस्प और चिंताजनक बात यह है कि वर्तमान में नगर पालिका में बोर्ड भी नहीं है, जिससे जनप्रतिनिधियों की आवाज़ भी प्रभावी तरीके से नहीं उठ पा रही। क्षेत्र के लोगों ने हिम्मत कर शिकायत भी दर्ज करवाई, लेकिन उनका कहना है कि अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई।

इतना ही नहीं, राजस्थान सरकार के संपर्क पोर्टल पर भी इस समस्या को लेकर एक बार नहीं बल्कि तीन-तीन बार शिकायत दर्ज करवाई गई। मगर वहां से जो जवाब मिला, उसने लोगों को और भी हैरान कर दिया। पोर्टल पर संदेश आया कि संबंधित विभाग ने समस्या का समाधान कर दिया है। जबकि हकीकत यह है कि खड्डा आज भी उसी जगह मुंह बाए खड़ा है।

एक ओर प्रदेश के मुख्यमंत्री स्वयं जनसुनवाई पोर्टल के माध्यम से समस्याओं के त्वरित समाधान का दावा करते हैं, वहीं शाहपुरा नगर पालिका की कार्यशैली इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। अगर समस्या का समाधान हो चुका है तो फिर यह खड्डा आखिर किस चमत्कार से बना हुआ है?

स्थानीय लोगों में इसको लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि नगर पालिका विकास शुल्क के नाम पर लाखों रुपये तो वसूल करती है, लेकिन यदि एक छोटे से खड्डे की मरम्मत भी समय पर नहीं करवा पाती तो फिर ऐसी व्यवस्था का क्या मतलब? लोगों का कहना है कि सब कुछ राम भरोसे चल रहा है।

अब क्षेत्रवासियों की उम्मीदें शाहपुरा विधायक से जुड़ गई हैं। लोगों का कहना है कि विधायक को स्वयं मौके पर पहुंचकर इस स्थिति को देखना चाहिए और संबंधित अधिकारियों को निर्देश देकर इस समस्या का स्थायी समाधान करवाना चाहिए, ताकि कॉलोनी के लोगों को राहत मिल सके।  

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