साध्वी सरस्वती का बड़ा बयान: शाहपुरा का नाम बदलकर ‘रामस्नेही नगर’ करने की उठी मांग

Update: 2026-03-19 10:40 GMT

शाहपुरा (मूलचन्द पेसवानी)। नवसंवत्सर के पावन अवसर पर शाहपुरा में आयोजित भव्य धर्मसभा और कलश यात्रा के दौरान छिंदवाड़ा से पधारी प्रखर वक्ता साध्वी सरस्वती ने एक बड़ा बयान देकर शहर की सियासत और सामाजिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है। हिंदू नववर्ष समाजोत्सव समिति द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में साध्वी ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से अपील करते हुए शाहपुरा का नाम बदलकर ‘रामस्नेही नगर’ करने की मांग रखी।

"शाह" शब्द हमारी संस्कृति का हिस्सा नहीं: साध्वी

हायर सेकेंडरी स्कूल मैदान में उमड़े जनसैलाब को संबोधित करते हुए साध्वी सरस्वती ने कहा कि 'शाहपुरा' नाम में प्रयुक्त 'शाह' शब्द हमारी गौरवशाली परंपरा और संस्कृति से मेल नहीं खाता। उन्होंने तर्क दिया, "यह भूमि किसी शाहजहां की नहीं, बल्कि रामभक्तों और रामस्नेही संप्रदाय की पावन धरा है। यहाँ की धार्मिक पहचान को देखते हुए इसका नाम रामस्नेही नगर करना ही न्यायोचित होगा।"

शास्त्र के साथ शस्त्र का ज्ञान भी जरूरी

अपने ओजस्वी संबोधन में साध्वी ने महिलाओं की आत्मरक्षा पर जोर देते हुए कहा कि वर्तमान समय में हर माता-बहन को शास्त्र के साथ-साथ शस्त्र का ज्ञान होना अनिवार्य है। उन्होंने कहा, "भले ही खाना बनाना आए या न आए, लेकिन अपनी रक्षा के लिए तलवार चलाना जरूर आना चाहिए।" उन्होंने देश के भीतर छिपे 'जयचंदों' से सावधान रहने का आह्वान करते हुए समाज को एकजुट होने का संदेश दिया।

भगवामय हुआ शाहपुरा, गूंजे जय श्रीराम के नारे

इससे पूर्व, शहर के प्रमुख मार्गों से भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। बैंड-बाजों, डीजे की धुन और हाथों में लहराते भगवा ध्वजों के साथ पूरा शहर भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया। कार्यक्रम की शुरुआत गोमाता पूजन और भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुई।

इस अवसर पर समाजोत्सव समिति के अध्यक्ष द्वारका प्रसाद जोशी, ब्रह्माकुमारी संगीता बहन सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का प्रभावी संचालन डॉ. परमेश्वर कुमावत ने किया। अब देखना यह है कि साध्वी द्वारा उठाई गई नाम परिवर्तन की यह मांग आने वाले समय में क्या मोड़ लेती है।

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