उपरेडा बालिका विद्यालय 21 वर्षों से क्रमोन्नति के इंतजार में, हजारों बार मांग के बावजूद नहीं हुई सुनवाई
बनेड़ा | उपखंड क्षेत्र के उपरेडा गांव में स्थित बालिका प्राथमिक विद्यालय उपरेडा की स्थापना वर्ष 1993 में हुई थी। वर्ष 2003 में इसे उच्च प्राथमिक विद्यालय का दर्जा मिला, लेकिन इसके बाद से पिछले 21 वर्षों से विद्यालय सीनियर माध्यमिक स्तर पर क्रमोन्नति का इंतजार कर रहा है।
वर्तमान में इस विद्यालय में 210 से अधिक बालिकाएं अध्ययनरत हैं। आठवीं कक्षा के बाद उच्च शिक्षा के अभाव में अनेक बालिकाएं आगे की पढ़ाई से वंचित हो जाती हैं। गांव में अलग से बालिका सीनियर माध्यमिक विद्यालय नहीं होने और नजदीकी बालिका विद्यालय 15 से 25 किलोमीटर दूर होने के कारण कई अभिभावक अपनी बेटियों को पढ़ाई बीच में ही छुड़वा देते हैं। वर्तमान परिस्थितियों और आए दिन होने वाली घटनाओं को देखते हुए अभिभावक बालिकाओं को दूर भेजने या सहशिक्षा में पढ़ाने से भी डरते हैं।
इसका परिणाम यह होता है कि पढ़ाई में रुचि रखने वाली और होनहार बालिकाएं भी उच्च शिक्षा से वंचित रह जाती हैं और उनके जीवन के समग्र विकास पर असर पड़ता है। बालिका शिक्षा समाज को दिशा देने का कार्य करती है और महिला शिक्षा से दो परिवार रोशन होते हैं, लेकिन शिक्षा के अवसर न मिलने से कई बालिकाओं का भविष्य अंधकारमय हो रहा है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए सामाजिक कार्यकर्ता मुबारक मंसूरी ने बताया कि एक ओर राज्य और केंद्र सरकारें महिला शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं, वहीं दूसरी ओर विभागीय स्तर पर कुछ अधिकारियों की लापरवाही और गलत रिपोर्टिंग के कारण योजनाओं का लाभ ग्रामीण क्षेत्रों तक नहीं पहुंच पा रहा है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2015 से अब तक जिला शिक्षा अधिकारी भीलवाड़ा, निदेशक माध्यमिक शिक्षा बीकानेर, जिला कलेक्टर, शिक्षा मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री और राज्यपाल तक सैकड़ों बार पत्राचार किया गया। इसके अलावा जिला प्रशासन की जनसुनवाई, 181 संपर्क पोर्टल और लिखित ज्ञापनों के माध्यम से भी लगातार मांग उठाई गई, लेकिन आज तक विद्यालय को सीनियर माध्यमिक स्तर पर क्रमोन्नत नहीं किया गया।
वर्तमान में उपरेडा की बालिकाओं को उच्च शिक्षा के लिए शाहपुरा 25 किलोमीटर, डाबला 20 किलोमीटर, बनेड़ा 15 किलोमीटर और रायला 20 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। वर्ष 2023 में राज्य सरकार द्वारा अधिकांश विद्यालयों को क्रमोन्नत किया गया, लेकिन भीलवाड़ा जिले में केवल उपरेडा बालिका उच्च प्राथमिक विद्यालय ही इस सूची से वंचित रह गया। आरोप है कि तथ्यहीन आंकड़े और अधूरी जानकारी समय पर उच्च स्तर पर नहीं भेजे जाने के कारण विद्यालय को क्रमोन्नति से वंचित किया गया।
लगातार प्रयासों के बावजूद समाधान नहीं निकलने से क्षेत्र के लोग निराश हैं, लेकिन अब भी आमजन को उम्मीद है कि वर्ष 2026 27 के बजट और विधानसभा सत्र में इस विद्यालय को बालिका सीनियर माध्यमिक विद्यालय में क्रमोन्नत करने का निर्णय लिया जाएगा और बालिकाओं को उनके गांव में ही उच्च शिक्षा का अवसर मिल सकेगा।
