प्रॉपर्टी व्यवसायी की आत्महत्या के मामले में थानाधिकारी और कांस्टेबल लाइन हाजिर

Update: 2026-01-07 03:04 GMT


उदयपुर में प्रॉपर्टी व्यवसायी की आत्महत्या के मामले में पुलिस महकमे में बड़ी कार्रवाई की गई है। उदयपुर पुलिस अधीक्षक योगेश गोयल ने सवीना थानाधिकारी भंवरलाल माली और कांस्टेबल सतपाल सिंह को लाइन हाजिर कर दिया है। यह कार्रवाई आरोपियों से मिलीभगत और लेनदेन के गंभीर आरोप सामने आने के बाद की गई है।

मामला सवीना थाना क्षेत्र का है, जहां 27 दिसंबर को प्रॉपर्टी व्यवसाय से जुड़े कमलेश चौधरी ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। परिजनों का आरोप है कि कमलेश को लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था, लेकिन पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के बजाय एफआर लगा दी थी। इसी को लेकर पुलिस की भूमिका पर सवाल उठे थे।

जानकारी के अनुसार सवीना मठमार्ग निवासी 36 वर्षीय कमलेश चौधरी प्रॉपर्टी का काम करते थे। करीब छह महीने पहले उन्होंने शाहिद और उसकी पत्नी को एक प्लॉट बेचा था। कुछ समय बाद दंपती ने प्लॉट पसंद नहीं आने की बात कहते हुए पैसे वापस मांगने शुरू कर दिए। आरोप है कि इस दौरान वे कमलेश को बार बार धमकाने लगे और दबाव बना रहे थे।

परिजनों का कहना है कि इस पूरे मामले में पुलिस ने निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की। आरोप है कि थानाधिकारी और कांस्टेबल ने आरोपियों से मिलीभगत कर लेनदेन किया और जानबूझकर मामले को कमजोर किया। पुलिस पर यह भी आरोप लगा कि शिकायत के बावजूद आरोपियों को राहत दी गई, जिससे कमलेश मानसिक रूप से टूट गए।

27 दिसंबर को कमलेश ने जहर खा लिया। अगले दिन सुबह जब परिजनों को घटना की जानकारी हुई तो वे उन्हें तत्काल एमबी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी दंपती के खिलाफ मामला तो दर्ज किया, लेकिन आगे की कार्रवाई नहीं की गई।

मामले के तूल पकड़ने और पुलिस की भूमिका पर सवाल उठने के बाद पुलिस अधीक्षक ने जांच के हित में दोनों पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत पाई गई तो आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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