सावधान! होटल और ढाबों का खाना कहीं आपको बीमार तो नहीं बना रहा? राजस्थान में भी यूपी की तर्ज पर लागू हो कर्मियों की अनिवार्य टीबी जांच!

Update: 2026-01-18 04:44 GMT


भीलवाड़ा | हलचल न्यूज। प्रदेश को टीबी मुक्त बनाने के संकल्प के साथ अब राजस्थान सरकार स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर बड़े कदम उठा सकती  है। केंद्र सरकार के 'टीबी मुक्त भारत अभियान' के तहत अब शहरी क्षेत्रों के होटल, रेस्टोरेंट और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारियों की नियमित टीबी जांच अनिवार्य की जा सकती है। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार द्वारा इस संबंध में लिए गए कड़े फैसले के बाद अब राजस्थान के भीलवाड़ा सहित अन्य जिलों में भी इसकी मांग उठने लगी है।

​संक्रमण का बढ़ता खतरा और स्वच्छता की अनदेखी

​वर्तमान में भीलवाड़ा सहित प्रदेश भर में सड़कों के किनारे, गंदे नालों के पास और असुरक्षित स्थानों पर संचालित हो रहे होटल, ढाबों और थड़ियों पर स्वच्छता के मानकों की भारी अनदेखी की जा रही है। खुले में भोजन बनना और वहां काम करने वाले कर्मियों के स्वास्थ्य का कोई रिकॉर्ड न होना आम जनता के लिए बड़े खतरे का संकेत है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि होटल कर्मियों की अनिवार्य जांच होती है, तो संक्रमण के प्रसार को प्रारंभिक स्तर पर ही रोका जा सकता है।

​यूपी मॉडल: मेडिकल कॉलेजों और रसोई कर्मियों पर भी शिकंजा

​उत्तर प्रदेश में हाल ही में हुए फैसले के अनुसार, अब न केवल होटल बल्कि सरकारी व निजी मेडिकल कॉलेजों के छात्रों और जिला अस्पतालों की रसोई में काम करने वाले कर्मचारियों की भी अनिवार्य टीबी जांच की जाएगी। इसके लिए अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य ने प्रत्येक माह जिला टीबी फोरम की बैठक करने और रिपोर्ट को अनिवार्य रूप से पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए हैं।

​वायरल वीडियो ने खोली पोल: स्वच्छता पर सवाल

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​होटलों और शादी-समारोहों में भोजन की शुद्धता को लेकर हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो ने   नींद उड़ा दी है। कहीं पैरों से आटा गूंथते हुए कर्मचारी नजर आ रहे हैं, तो कहीं महंगे होटलों में स्विमिंग पूल के पानी का उपयोग आटा गूंथने में करने की चर्चाएं गर्म हैं। इस तरह की लापरवाही न केवल घिनौनी है, बल्कि महामारी को आमंत्रण देने जैसी है।

​क्या कहते हैं निर्देश?

​प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, टीबी उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। समाज में जागरूकता बढ़ाने के लिए 'टीबी चैंपियंस' की मदद ली जाएगी और इंटरनेट मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। राजस्थान में भी इसे प्रभावी बनाने के लिए संभावित रोगियों की समयबद्ध जांच और चिह्नित रोगियों को बिना विलंब के गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना प्राथमिकता होगी।

 होटल और शादी-समारोहों में परोसे जा रहे भोजन की शुद्धता और वहां काम करने वाले कर्मियों की स्वास्थ्य जांच अब समय की मांग है, ताकि आम जन को गंभीर संक्रमण से बचाया जा सके।

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