भीलवाड़ा। शहर के सुभाषनगर थाना क्षेत्र में बदमाशों के हौसले इस कदर बुलंद हो गए हैं कि अब खुलेआम बाजार में जानलेवा हमले किए जा रहे हैं। नेहरू रोड स्थित एक इलेक्ट्रिक दुकान पर सोची समझी साजिश के तहत हमला कर मारपीट, तोडफ़ोड़ और जान से मारने की धमकियों का मामला सामने आया है।
पुलिस के अनुसार, दांतड़ा निवासी रामकिशन पुत्र लक्ष्मण गाडऱी ने सुभाषनगर थाने में दी रिपोर्ट में बताया कि 13 जनवरी की शाम करीब 5 से 6 बजे वह नेहरू रोड स्थित अपनी दुकान पर काम कर रहा था। इसी दौरान ढोकलिया निवासी दुर्गालाल पुत्र देबीलाल गाडऱी और राजूलाल लादूलाल गाडऱी एक राय होकर दुकान पर पहुंचे और आते ही गालियां देने लगे। इसके बाद दोनों ने जान से मारने की नीयत से उस पर हमला कर दिया।
रामकिशन का आरोप है कि आरोपितों ने बेरहमी से उसके साथ मारपीट की, जिससे अंदरूनी गंभीर चोटें आईं। इतना ही नहीं, हमलावरों ने दुकान का सामान सडक़ पर फेंककर तोडफ़ोड़ की, बही खाते फाड़ दिए और पूरी दुकान में उत्पात मचाया। पीडि़त की चीख पुकार सुनकर जब राहगीर इक_ा होने लगे तो आरोपी मौके से भाग गए, लेकिन जाते जाते खुलेआम धमकी देकर गए कि आज तो बच गया, अगली बार जिंदा नहीं छोड़ा जाएगा।
हमले के बाद हालत गंभीर, दो दिन अस्पताल में रहा भर्ती
गंभीर मारपीट के कारण रामकिशन गाडऱी को राजकीय महात्मा गांधी अस्पताल, भीलवाड़ा में भर्ती कराना पड़ा, जहां वह दो दिन तक इलाजरत रहा। पीडि़त का कहना है कि हमलावरों का हौसला इतना बढ़ा हुआ है कि वे यहीं नहीं रुके।
रिहायशी मकान में घुसकर परिवार से की मारपीट
रिपोर्ट में बताया कि करीब दो दिन पहले शाम को आरोपी दुर्गालाल और उसके परिजन ढोकलिया स्थित पीडि़त के घर में जबरन घुस आए। यहां भी अश्लील गालियां दी गईं, परिवारजनों के साथ मारपीट की गई और गांव छोडऩे की धमकी दी गई। आरोपियों ने चेतावनी दी कि अगर कहीं भी रिपोर्ट दी तो हाथ पैर तोडक़र जान से खत्म कर देंगे।
पीडि़त ने जताया जान का खतरा
रामकिशन का कहना है कि आरोपी कभी भी उसके या उसके परिवार के साथ कोई बड़ी वारदात कर सकते हैं। लगातार मिल रही धमकियों के कारण पूरा परिवार दहशत में है।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
मामले में पुलिस थाना सुभाषनगर में अपराध दर्ज कर लिया गया है। रिपोर्ट के आधार पर मामला भारतीय न्याय संहिता की धारा 332(सी), 115(2) और 126(2) के तहत दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
