देश में एक बार फिर घातक वायरस को लेकर चिंता बढ़ गई है। निपाह वायरस के मामलों को लेकर पश्चिम बंगाल से अपडेट सामने आए हैं, जहां पांच संक्रमित मरीजों की पुष्टि होने और सौ से अधिक लोगों को क्वारंटाइन किए जाने की जानकारी दी जा रही है। इसके साथ ही केरल और झारखंड में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार ने हालात को देखते हुए लोगों के लिए दिशा निर्देश जारी किए हैं और किसी भी तरह की लापरवाही से बचने की अपील की है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार निपाह वायरस एक बेहद खतरनाक संक्रमण है, जो जानवरों से इंसानों में फैलता है। यह वायरस मुख्य रूप से टेरोपस प्रजाति के चमगादड़ों से फैलता है। इसके अलावा सूअर, बिल्ली और कुत्तों के संपर्क से भी संक्रमण होने की आशंका रहती है। इसी कारण लोगों को ऐसे जानवरों से दूरी रखने और साफ सफाई का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बचाव को लेकर कई जरूरी बातें बताई हैं। लोगों से कहा गया है कि फल अच्छी तरह धोकर खाएं, उबला हुआ साफ पानी पिएं, साबुन से हाथ धोते रहें और पशुओं के बाड़ों की सफाई करते समय सुरक्षा उपाय अपनाएं। चमगादड़ों से दूरी बनाए रखें, जानवरों का जूठा न खाएं, मृत पशु पक्षियों के पास न जाएं और गंदा पानी पीने से बचें। संक्रमित इलाकों में जाने से परहेज करें और जरूरत पड़ने पर मास्क पहनकर जाएं। वहां से लौटने के बाद भी व्यक्तिगत स्वच्छता का पूरा ध्यान रखने को कहा गया है।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक निपाह वायरस के लक्षण बहुत तेजी से गंभीर हो सकते हैं और कुछ मामलों में 12 घंटे के भीतर ही मरीज की हालत बिगड़ सकती है। गले में खराश, शरीर में दर्द, अत्यधिक थकान, अचानक सांस लेने में दिक्कत जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
सरकार ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें। समय रहते सतर्कता ही इस खतरनाक वायरस से बचाव का सबसे बड़ा उपाय माना जा रहा है।
