मेजा बांध में पांच युवक डूबे, खबर से मचा हडक़ंप, दौड़ पड़ी पुलिस प्रशासन की टीमें

Update: 2026-01-28 09:54 GMT

सूचना पर 20 मिनट में मौके पर पहुंचे अधिकारी, बाद में निकली मॉक ड्रिल

भीलवाड़ा प्रेमकुमार गढ़वाल। मेजा बांध में बुधवार दोपहर उस समय अफरा तफरी मच गई, जब कंट्रोल रूम से सूचना आई कि नहाते समय पांच युवक पानी में डूब गए हैं। खबर फैलते ही पुलिस और प्रशासनिक महकमे में खलबली मच गई। सायरन बजने लगे, वायरलेस पर संदेश दौडऩे लगे और रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए टीमें आनन फानन में रवाना कर दी गईं।

कलेक्ट्रेट कंट्रोल रूम से दोपहर करीब 2.35 बजे पुलिस अधीक्षक कार्यालय के ऑफिस कंट्रोल रूम को संदेश भेजा गया कि मेजा बांध में पांच युवक डूब गए हैं और तुरंत राहत एवं बचाव दल मौके पर भेजे जाएं। कंट्रोल रूम इंचार्ज दिलीप कुमार टेलर ने एक पल भी गंवाए बिना मांडल थाना, एसडीएम, तहसीलदार, डीएसपी सहित संबंधित विभागों को अलर्ट कर दिया।

सूचना मिलते ही महज 20 मिनट के भीतर एसडीएम मांडल सपना जोशी, तहसीलदार, डीएसपी राहुल जोशी और थाना प्रभारी रोहिताश पुलिस जाब्ते के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए। उनके साथ एंबुलेंस, मेडिकल टीम और अन्य रेस्क्यू वाहन भी मौके पर पहुंच चुके थे। पूरे क्षेत्र में बचाव कार्य की तैयारी शुरू हो गई थी।

मेजा बांध किनारे जब टीमें उतरीं तो वहां मौजूद लोगों से पूछताछ और हालात का जायजा लिया गया। कुछ ही देर में सच्चाई सामने आई कि यह कोई वास्तविक हादसा नहीं था, बल्कि आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन द्वारा आयोजित की गई मॉक ड्रिल थी। इसका उद्देश्य यह जांचना था कि किसी बड़े हादसे की स्थिति में पुलिस, प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और रेस्क्यू टीमें कितनी तेजी और तालमेल के साथ काम करती हैं।

जैसे ही यह खुलासा हुआ, अधिकारियों और कर्मचारियों ने राहत की सांस ली। साथ ही इस अभ्यास के दौरान प्रतिक्रिया समय, संसाधनों की उपलब्धता और आपसी समन्वय का भी आंकलन किया गया, ताकि भविष्य में किसी वास्तविक आपदा की स्थिति में जान माल की रक्षा और अधिक प्रभावी तरीके से की जा सके।

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