प्रशासन की सख्ती या लापरवाही की भेंट? केबिन हटाते वक्त युवक की दर्दनाक मौत, मचा हड़कंप!

Update: 2026-04-08 17:03 GMT

भीलवाड़ा (हलचल)। शहर के गांधीनगर थाना इलाके में बुधवार को एक ऐसी घटना घटी जिसने सिस्टम और सुरक्षा के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। नगर निगम के अतिक्रमण हटाओ अभियान के बाद अपना रोजगार बचाने की कोशिश कर रहा एक 23 वर्षीय युवक मौत की आगोश में समा गया।

क्या है पूरा मामला?

बुधवार को नगर निगम के अतिक्रमण दस्ते ने पंसल चौराहा इलाके में बड़ी कार्रवाई करते हुए अतिक्रमणकारियों को खदेड़ा था। प्रशासन के डंडे और केबिन जब्त होने के डर से, पुलिस लाइन के पीछे रहने वाला महावीर (23) पुत्र गणपत लाल सैन आनन-फानन में अपनी केबिन वहां से हटा रहा था।

हादसा जिसने छीन ली जान

प्रशासनिक दबाव के चलते महावीर ने हाइड्रो मशीन बुलाई और अपनी केबिन को पांसल चौराहे से हटाकर 100 फीट रोड पर शिफ्ट करने लगा। इसी दौरान अचानक अनियंत्रित होकर केबिन से महावीर के सिर पर गंभीर चोट लग गई और वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा।

अस्पताल पहुँचने से पहले थमी सांसें

आस-पास मौजूद लोग और परिजन उसे तुरंत जिला अस्पताल लेकर भागे, लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था। अस्पताल पहुँचते ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मच गया है और क्षेत्र में भारी रोष व्याप्त है।

पुलिस जांच में जुटी

सूचना मिलते ही गांधीनगर थाना पुलिस मौके पर पहुँची और शव को मोर्चरी में रखवाया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है कि इस हादसे के पीछे सुरक्षा मानकों की अनदेखी थी या प्रशासन की जल्दबाजी का दबाव।

बड़ा सवाल: क्या अतिक्रमण हटाने के नाम पर गरीब केबिन मालिकों को इतना डरा दिया जाता है कि वे अपनी जान जोखिम में डालकर काम करने को मजबूर हो जाते हैं? इस मौत का जिम्मेदार कौन?

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