सावधान! चांदी में 'महा-क्रैश': 20 दिनों में ₹1.91 लाख स्वाहा, भीलवाड़ा के निवेशकों के करोड़ों डूबे, अब ₹2 लाख के नीचे जाने का डर!

Update: 2026-02-18 02:27 GMT


​अगर आप चांदी खरीदने की सोच रहे हैं, तो रुकिए! बाजार के गलियारों से खतरे की घंटी बज रही है। पिछले 20 दिनों में चांदी की चमक जिस तेजी से फीकी पड़ी है, उसने बड़े-बड़े धुरंधरों के पसीने छुड़ा दिए हैं। भीलवाड़ा के सट्टा बाजार और निवेशकों को इस गिरावट ने तगड़ा झटका दिया है।

​20 दिन और ₹1.91 लाख की 'कंगाली':

​आंकड़े डराने वाले हैं। जिस चांदी ने 29 जनवरी को ₹4,20,000 प्रति किलो का शिखर छुआ था, वह महज 20 दिनों में ताश के पत्तों की तरह ढह गई। मंगलवार को भाव ₹2,28,783 पर सिमट गया। यानी ऊपर के स्तर से चांदी करीब 45% तक टूट चुकी है।

​एक्सपर्ट्स की 'खतरे वाली' भविष्यवाणी:

​अजय केडिया (केडिया एडवाइजरी): आगाह किया है कि अगर वैश्विक हालात नहीं सुधरे, तो जून-जुलाई तक भाव ₹1.90 लाख के भी नीचे जा सकता है।

​कावेरी मोरे (चॉइस ब्रोकिंग): चेतावनी दी है कि ₹2,25,000 का लेवल 'लक्ष्मण रेखा' है। अगर यह टूटा, तो बाजार में हाहाकार मच सकता है।

​क्यों डूब रही है चांदी की नैया?

​डॉलर का दबदबा: अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती चांदी पर भारी पड़ रही है।

​जियोपॉलिटिकल शांति: वैश्विक तनाव कम होने से सुरक्षित निवेश के तौर पर चांदी की मांग कम हुई है।

​लिक्विडिटी क्राइसिस: एशियाई बाजारों में छुट्टियों के चलते ट्रेडिंग वॉल्यूम घटा, जिससे गिरावट और गहरी हो गई।

​बड़े ट्रेडर्स का पलायन: CFTC की रिपोर्ट के मुताबिक, बड़े खिलाड़ी चांदी से अपना पैसा निकाल रहे हैं।

​निर्णय: फिलहाल बाजार 'वेट एंड वॉच' की स्थिति में है। जल्दबाजी में किया गया निवेश आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है।

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