उत्तरकाशी में जलप्रलय से हाहाकार: गंगोत्री धाम में फंसे 500 तीर्थयात्रियों से संपर्क टूटा
देहरादून।
उत्तरकाशी में मूसलधार बारिश और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। नदियां उफान पर हैं और कई इलाके जलमग्न हो चुके हैं। गंगोत्री धाम में आए करीब 500 तीर्थयात्रियों से प्रशासन का संपर्क पूरी तरह टूट गया है, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल है।
NDRF और ITBP की टीमें राहत-बचाव में जुटी हैं
उत्तरकाशी के आपदा कंट्रोल रूम से मंगलवार देर रात मिली सूचना ने चिंता और बढ़ा दी है। मुंबई और कर्नाटक से आए कुल 64 तीर्थयात्रियों से भी संपर्क नहीं हो पा रहा है। NDRF और ITBP की टीमें युद्धस्तर पर तलाशी अभियान में लगी हुई हैं।
महाराष्ट्र के 24 तीर्थयात्रियों का कोई पता नहीं
टिहरी गढ़वाल के प्रतापनगर से विधायक विक्रम सिंह नेगी ने बताया कि उनके मित्र शेखर चौधरी ने उन्हें सूचना दी है कि महाराष्ट्र से आए 24 लोग उत्तरकाशी तीर्थ यात्रा पर थे, जिनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है।
केंद्र सरकार ने भी हालात पर नजर बनाई हुई है।
सरकार की ओर से कहा गया है कि कनेक्टिविटी बहाल करने की हरसंभव कोशिश की जा रही है और उम्मीद जताई गई है कि जल्द ही सभी से संपर्क स्थापित कर लिया जाएगा।
परिवारों में बेचैनी, प्रशासन अलर्ट पर
कई तीर्थयात्रियों के परिजन लगातार अपने प्रियजनों से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन असफल हो रहे हैं। क्षेत्र में बिजली, मोबाइल नेटवर्क और सड़क संपर्क ठप हो चुका है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और धैर्य बनाए रखें। साथ ही तीर्थ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं से फिलहाल यात्रा टालने का आग्रह भी किया गया है।
