बड़ला में खूनी सनसनी:: कलयुगी बाप ने दरांती से रेता मासूम बेटे का गला, खुद भी सल्फास खाकर दी जान

Update: 2026-02-27 04:01 GMT

 भीलवाड़ा BHN जिले के बड़लियास थाना क्षेत्र के बड़ला गांव में शुक्रवार को एक ऐसी रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया। एक पिता ने अपने ही 13 वर्षीय मासूम बेटे की घास काटने की दरांती से गला काटकर निर्मम हत्या कर दी। बेटे को मौत की नींद सुलाने के बाद आरोपी पिता ने खुद भी विषाक्त पदार्थ (सल्फास) का सेवन कर लिया, जिसकी जिला चिकित्सालय में उपचार के दौरान मौत हो गई। इस दोहरे हत्याकांड और आत्महत्या की खबर से पूरे इलाके में शोक और सनसनी फैल गई।

भाई ने भगवान के दर्शन के लिए खोला था व्हाट्सएप, सामने आया मौत का पैगाम

घटना का खुलासा बेहद चौंकाने वाले तरीके से हुआ। राधेश्याम वैष्णव के भाई भगवान वैष्णव प्रतिदिन की तरह शुक्रवार सुबह भी भगवान के दर्शन करने और सुविचार देखने के लिए गांव का व्हाट्सएप ग्रुप चेक कर रहे थे। सुबह करीब 4:15 बजे राधेश्याम ने उस ग्रुप में एक वीडियो डाला था। जैसे ही भगवान ने वीडियो प्ले किया, उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। वीडियो में राधेश्याम अपनी और अपने बेटे की मौत का ऐलान कर रहा था। भगवान ने तुरंत राधेश्याम को फोन मिलाया, लेकिन मोबाइल स्विच ऑफ मिला। अनहोनी की आशंका में जब परिजन और ग्रामीण राधेश्याम के घर पहुंचे, तो वहां का मंजर देखकर सबकी रूह कांप गई।

दीवार फांदकर अंदर घुसे परिजन, चारपाई पर मिला मासूम का लहुलुहान शव

परिजन जब घर पहुंचे तो अंदर से दरवाजा बंद था। काफी आवाज देने के बाद भी जब गेट नहीं खुला, तो भगवान और अन्य लोग दीवार फांदकर घर में घुसे। कमरे का दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया गया, तो कुछ देर बाद राधेश्याम ने गेट खोला और लडख़ड़ाते हुए बाहर गिर पड़ा। परिजनों ने जब अंदर जाकर देखा तो चारपाई पर सो रहे मासूम वंश का गला कटा हुआ था और पूरी चादर खून से सनी थी। कमरे की स्थिति देखकर साफ था कि राधेश्याम ने पहले साफी से पंखे पर फंदा लगाकर खुदकुशी की कोशिश की थी, लेकिन असफल होने पर उसने सल्फास खा लिया।

ससुराल पक्ष पर आरोप और कर्ज का बोझ

वारदात से पहले वायरल किए गए वीडियो में राधेश्याम ने अपनी इस आत्मघाती कदम के लिए अपनी पत्नी लीला, सास-ससुर, साले और ससुराल के अन्य लोगों को जिम्मेदार ठहराया है। उसने आरोप लगाया कि उसे मानसिक रूप से बहुत ज्यादा प्रताडि़त किया जा रहा था। इसके अलावा, जांच में यह भी सामने आया है कि राधेश्याम कर्ज के बोझ तले दबा था। वीडियो में उसने अपने पिता और भाई से उन लोगों का कर्ज उतारने की मिन्नत की है, जिनसे उसने पैसे उधार लिए थे। सवाईपुर चौकी प्रभारी प्यारचंद ने बताया कि राधेश्याम पर पहले भी कर्ज था जिसे परिजनों ने चुका दिया था, लेकिन वह फिर से कर्ज के जाल में फंस गया था।

परीक्षा देने ननिहाल से आया था वंश, क्या पता था पिता ही बन जाएगा काल

मृतक मासूम वंश कोटड़ी के एक स्कूल में आठवीं कक्षा में पढ़ता था। माता-पिता के बीच अनबन के कारण वह अपनी मां के साथ चित्तौडग़ढ़ के गटियावली (ननिहाल) में रह रहा था। उसकी परीक्षाएं नजदीक थीं, इसलिए उसका बड़ा भाई संतू उसे 19 फरवरी को ही पिता के पास बड़ला छोडक़र गया था। पिता पिछले दो दिनों से बेटे को गांव में घुमा रहा था, किसी को अंदेशा नहीं था कि वह अपने ही कलेजे के टुकड़े पर दरांती से वार कर देगा।

पुलिस और एफएसएल की कार्रवाई

सूचना पर मांडलगढ़ पुलिस उपाधीक्षक बाबूलाल बिश्नोई और बड़लियास थाना पुलिस मौके पर पहुंची। भीलवाड़ा से आई एफएसएल की टीम ने घटनास्थल से खून से सनी दरांती, साफी और अन्य साक्ष्य जुटाए हैं। वंश के शव का सवाईपुर और राधेश्याम के शव का जिला अस्पताल में मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया गया है। पुलिस अब पारिवारिक कलह और कर्ज के एंगल से मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

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