छह साल से दफन राज: प्रिंस की तलाश में एक्सप्रेस-वे पर 24 घंटे चली खुदाई, 9 मीटर नीचे मिले संकेत पर शव का पता नहीं

Update: 2026-02-27 08:52 GMT

 बांदीकुई | ऊनबड़ा के रामदेवा की ढाणी से छह साल पहले गायब हुए मासूम प्रिंस उर्फ टिल्लू की तलाश अब दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे की गहराइयों तक पहुंच गई है। पुलिस ने अत्याधुनिक ग्राउंड पेनिट्रेटिंग रडार (GPR) मशीन के जरिए जमीन के नीचे 9 मीटर पर संदिग्ध संकेत मिलने के बाद करीब 24 घंटे तक लगातार खुदाई करवाई, लेकिन अब तक कोई ठोस साक्ष्य हाथ नहीं लगा है। थाना प्रभारी जहीर अब्बास पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर डटे हुए हैं और अब सटीक स्थान की पहचान के लिए NHAI से पुराने फुटेज मांगे गए हैं।

पड़ोसी 'चाचा' ने ही उजाड़ा था आंगन, छह साल तक छिपाए रखा राज

पुलिस जांच में जो खुलासा हुआ उसने सबको स्तब्ध कर दिया। 16 अगस्त 2020 को लापता हुए प्रिंस की हत्या का आरोप उसके पड़ोसी (रिश्ते में चाचा) और उसकी बहन पर लगा है। आरोपियों ने पूछताछ में कबूल किया कि उन्होंने हत्या के बाद शव को निर्माणाधीन एक्सप्रेस-वे के किनारे दफना दिया था। हैरानी की बात यह है कि आरोपी शक से बचने के लिए पिछले छह सालों से पीड़ित परिवार के साथ हमदर्द बनकर घुलता-मिलता रहा। हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर होने और पुलिस की सख्ती के बाद इस खौफनाक राज से पर्दा उठा।

आंखों में छह साल का दर्द: "जिस हाल में भी हो, मेरा बेटा लौटा दो..."

खुदाई स्थल पर मौजूद मंजर देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। दुबई से 21 फरवरी को सूचना मिलते ही गांव लौटे पिता जगमोहन टकटकी लगाए हाईवे किनारे बैठे रहे। जैसे-जैसे खुदाई आगे बढ़ती गई, परिजनों की बेचैनी बढ़ती गई। मां और बहनें भी मौके पर बिलखती नजर आईं। पिता की बस एक ही पुकार थी कि उनका बेटा जिस भी हाल में हो, उन्हें सौंप दिया जाए।

तकनीकी चुनौतियों के बीच अब NHAI के फुटेज का सहारा

GPR मशीन से मिले संकेतों के बावजूद सफलता न मिलना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है। हाईवे निर्माण के दौरान मिट्टी की भारी भरकम फिलिंग के कारण सटीक स्थान ढूंढना मुश्किल हो रहा है। अब पुलिस प्रशासन NHAI से संपर्क कर निर्माण के समय के फोटो और वीडियो फुटेज खंगालने की तैयारी में है, ताकि यह पता चल सके कि शव दफनाने के समय वहां की भौगोलिक स्थिति कैसी थी। फिलहाल, प्रिंस की तलाश जमीन की गहराइयों में जारी है।

Similar News