एसीबी की बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक:: 3.80 लाख की घूस लेते गिरदावर गिरफ्तार, एसडीएम के नाम पर मांगी थी रिश्वत
जयपुर | भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की जयपुर नगर-द्वितीय इकाई ने शुक्रवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए जयपुर-पश्चिम वृत्त के भू-अभिलेख निरीक्षक (गिरदावर) अनिल कुमार को 3,80,000 रुपये की भारी-भरकम रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई ने प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है, क्योंकि रिश्वत की इस राशि में उच्चाधिकारियों के हिस्से की बात भी सामने आई है।
जमीन सीमांकन के बदले मांगी थी 5 लाख की घूस
एसीबी महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने बताया कि एक परिवादी ने ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी पुश्तैनी जमीन के तकासमा (बंटवारा और सीमांकन) के कार्य को पूरा करने की एवज में गिरदावर अनिल कुमार 5 लाख रुपये की मांग कर रहा है। आरोपी अधिकारी काम अटकाने की धमकी देकर लगातार परिवादी पर मानसिक दबाव बना रहा था।
रिश्वत का गणित: गिरदावर के 1 लाख, साहब के 3 लाख!
एसीबी द्वारा किए गए गोपनीय सत्यापन के दौरान जो तथ्य सामने आए, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। आरोपी अनिल कुमार ने सौदेबाजी में बताया कि:
कुल सौदा: 4 लाख रुपये में काम करने पर सहमति बनी।
खुद का हिस्सा: गिरदावर ने 1 लाख रुपये अपने निजी खर्च के लिए मांगे।
अधिकारी का हिस्सा: आरोपी ने दावा किया कि उसे 3 लाख रुपये उपखण्ड अधिकारी (SDM) जयपुर-प्रथम को देने होंगे। सत्यापन के समय ही आरोपी ने 20,000 रुपये एडवांस के रूप में ले लिए थे।
जाल बिछाकर रंगे हाथों दबोचा
डीआईजी आनन्द शर्मा के सुपरविजन और एएसपी भूपेन्द्र के नेतृत्व में टीम ने शुक्रवार, 27 फरवरी को जाल बिछाया। जैसे ही परिवादी रिश्वत की बकाया राशि 3,80,000 रुपये लेकर पहुंचा और अनिल कुमार को थमाई, वैसे ही निरीक्षक छोटीलाल और उनकी टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया।
जांच के घेरे में 'साहब': एसडीएम की भूमिका की भी होगी पड़ताल
एडीजी स्मिता श्रीवास्तव और आईजी एस. परिमाला के निर्देशन में अब इस मामले की परतें खोली जा रही हैं। एसीबी इस पहलू की गहनता से जांच कर रही है कि क्या वास्तव में एसडीएम जयपुर-प्रथम की इस भ्रष्टाचार में कोई भूमिका है या गिरदावर केवल उनके नाम का सहारा लेकर उगाही कर रहा था। फिलहाल आरोपी के ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन जारी है और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
