भीलवाड़ा एनडीपीएस कोर्ट का बड़ा फैसला:: दुर्गेश गुर्जर को 12 साल की कैद, आलीशान विला में मिला था 74 किलो गांजा

Update: 2026-02-27 11:21 GMT

 भीलवाड़ा (बीएचएन) | विशिष्ट न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट प्रकरण) जगदीशप्रसाद शर्मा ने मादक पदार्थों की तस्करी के एक गंभीर मामले में फैसला सुनाते हुए आरोपी दुर्गालाल उर्फ दुर्गेश गुर्जर को 12 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर 1 लाख 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह मामला यूनिक बिल्डर कॉलोनी स्थित एक विला में अनैतिक देह व्यापार (सेक्स रैकेट) के खिलाफ की गई कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में गांजा बरामदगी से जुड़ा है।

सेक्स रैकेट पर छापे के दौरान हुआ था नशे का बड़ा खुलासा

विशिष्ट लोक अभियोजक रामस्वरुप गुर्जर ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि यह घटना 8 जनवरी 2020 की है। तत्कालीन डीएसपी ने मांडल थाना अधिकारी को टेलीफोन के जरिए सूचना देकर मौके पर बुलाया था। सूचना यह थी कि भीलवाड़ा के बड़लियास हाउस के पास स्थित यूनिक बिल्डर कॉलोनी के विला नंबर-87 में अनैतिक गतिविधियां (सेक्स रैकेट) संचालित हो रही हैं। जब थाना अधिकारी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे, तो वहां डीएसपी मांडल द्वारा पहले से ही 'पीटा एक्ट' के तहत कार्रवाई की जा रही थी।

आलीशान विला की तलाशी में मिला 74 किलो गांजा

देह व्यापार के खिलाफ कार्रवाई के दौरान जब पुलिस ने उस आलीशान मकान की गहनता से तलाशी ली, तो ऊपरी मंजिल पर बने एक कमरे में भारी मात्रा में नशीला पदार्थ देखकर अधिकारी दंग रह गए। वहां से 74 किलो गांजा बरामद किया गया। पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया कि तिलकनगर निवासी दुर्गालाल उर्फ दुर्गेश पुत्र धन्नालाल गुर्जर ने यह विला किराए पर ले रखा था। वह इस मकान में सेक्स रैकेट चलाने की आड़ में नशीले पदार्थों का काला कारोबार भी कर रहा था। पुलिस ने तुरंत गांजा जब्त कर एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया और आरोपी को गिरफ्तार किया।

9 गवाहों और 54 दस्तावेजों ने सिद्ध किया जुर्म

ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष ने न्यायालय के समक्ष मजबूती से पक्ष रखा। मामले को साबित करने के लिए न्यायालय में 9 महत्वपूर्ण गवाहों के बयान दर्ज करवाए गए और 54 दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए गए। इन साक्ष्यों के आधार पर दुर्गेश गुर्जर पर लगे सभी आरोपों को संदेह से परे सिद्ध किया गया। अदालत ने अपराध की प्रकृति और समाज पर इसके दुष्प्रभाव को देखते हुए आरोपी को 12 साल की जेल और भारी जुर्माने की सजा सुनाई।

Similar News

मिलावटखोरों पर प्रशासन का हंटर:: तीन स्थानों पर छापेमारी, 1600 किलो केसरबाटी सीज