भीलवाड़ा सांसद को गृहसचिव बनकर फोन करने वाला जालसाज दिल्ली से गिरफ्तार-कर्नाटक और उत्तराखंड में भी कर चुका है ठगी
भीलवाड़ा (बीएचएन)। स्वयं को भारत सरकार का गृहसचिव गोविंद मोहन बताकर भीलवाड़ा सांसद दामोदर अग्रवाल को फोन करने के आरोप में एक शातिर ठग को कोतवाली पुलिस ने दिल्ली से दबोच लिया है। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आरोपी गौरव उर्फ गोरखनाथ एक आदतन अपराधी है। उसने कर्नाटक, दिल्ली और उत्तराखंड जैसे राज्यों में बड़े स्तर पर फ्रॉड और फ्रॉड करने की कोशिश की है।
सांसद को हुआ संदेह, खुली पोल
कोतवाली थाने के सहायक उप-निरीक्षक मदनलाल खटीक ने बताया कि भीलवाड़ा सांसद दामोदर अग्रवाल ने 16 मार्च को रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। उन्हें 15 मार्च को एक व्हाट्सएप कॉल और संदेश प्राप्त हुआ, जिसमें भेजने वाले ने खुद को गृहसचिव गोविंद मोहन बताया। जब सांसद ने वापस कॉल किया, तो दूसरी ओर से व्यक्ति ने खुद को गृहसचिव का निजी सचिव (पीएस) दीपक शर्मा बताया और कहा कि "साहब" बात करना चाहते हैं। इसके बाद आवाज बदलकर आरोपी ने खुद को गृहसचिव बताते हुए कहा कि गृहमंत्री अमित शाह ने उसे राजस्थान मंत्रिमंडल में फेरबदल के लिए जानकारी जुटाने का कार्य दिया है। आरोपी ने जिले के सभी विधायकों के नंबर जुटाने और बात करवाने के लिए कहा। वार्तालाप के दौरान संदिग्ध व्यवहार देखकर सांसद को संदेह हुआ। उन्होंने गृहसचिव कार्यालय में संपर्क किया, जहाँ पता चला कि वहां दीपक नाम का कोई कर्मचारी नहीं है।
पुलिस ने दिल्ली से किया डिटेन
थाना प्रभारी शिवराज गुर्जर के निर्देशन में पुलिस टीम ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर दिल्ली के पूर्वी दिल्ली (फेज-1 गरोली) निवासी गौरव उर्फ गोरखनाथ को हिरासत में लिया। पूछताछ के बाद उसे 23 मार्च को गिरफ्तार किया गया। आरोपी को चार दिन के रिमांड पर लेकर सघन जांच की गई, जिसके बाद शनिवार को रिमांड अवधि समाप्त होने पर उसे जेल भेज दिया गया।
राज्यों में फैला है ठगी का जाल
जांच अधिकारी ने बताया कि आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड बेहद चौंकाने वाला है। इस पर कर्नाटक में एक व्यापारी को सडक़ का ठेका दिलाने के नाम पर 40 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने, दिल्ली में चुनाव का टिकट दिलाने के नाम पर जबकि उत्तराखंड में मंत्री बनाने का झांसा देकर फ्रॉड करने के आरोप लग चुके हैं। उत्तराखंड में इसके खिलाफ रुद्रपुर थाने में केस दर्ज है। वहीं दिल्ली और कर्नाटक में भी मामला दर्ज होने की बात पुलिस ने कही है।
फर्जी पहचान का करता था उपयोग
आरोपी इतना शातिर है कि वह बड़े अधिकारियों की आवाज निकालकर और फर्जी पहचान बताकर राजनेताओं और व्यापारियों को अपना शिकार बनाता था।
