नई दिल्ली। दुनिया में बढ़ते व्यापारिक तनाव और अमेरिका की टैरिफ धमकियों के बीच भारत और यूरोपीय संघ (EU) ने एक-दूसरे का हाथ थामने का मन बना लिया है। 21 जनवरी को यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास ने साफ कर दिया कि भारत अब यूरोप की आर्थिक मजबूती के लिए एक अनिवार्य साथी बन चुका है।
इस दोस्ती के 3 सबसे बड़े पड़ाव:
मुख्य अतिथि: 26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस परेड में यूरोपीय संघ की टॉप लीडरशिप मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होगी।
सुरक्षा समझौता: पहली बार भारत और EU के बीच रक्षा और सुरक्षा को लेकर एक बड़ा समझौता होगा, जो आतंकवाद और साइबर खतरों से निपटने में मदद करेगा।
ऐतिहासिक व्यापार डील (FTA): 27 जनवरी को होने वाली समिट में मुक्त व्यापार समझौते पर मुहर लग सकती है। इससे भारत के फार्मा, सेमीकंडक्टर और क्लीन टेक्नोलॉजी सेक्टर के लिए यूरोप के बाजार खुल जाएंगे।