‘मैं एसपी बोल रहा हूं…’— राजकॉप से FIR डाउनलोड कर सैकड़ों लोगों को लगाया चूना, भीलवाड़ा पुलिस ने एमपी-यूपी बॉर्डर से दबोचा शातिर साइबर ठग

Update: 2026-02-15 13:36 GMT

भीलवाड़ा हलचल न्यूज़।भीलवाड़ा में पुलिस अधिकारी बनकर ‘कार्रवाई’ और ‘न्याय’ दिलाने का झांसा देकर वसूली करने वाले शातिर साइबर ठग को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया। साइबर सेल और रायला थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने दो दिन तक जंगल में कैंपिंग कर मध्यप्रदेश-उत्तरप्रदेश बॉर्डर से आरोपी को दबोचा।

आरोपी कभी खुद को “SP भीलवाड़ा” तो कभी “थानाधिकारी (SHO)” बताकर लोगों को फोन करता था। वह थानों में दर्ज एफआईआर की कॉपी ऑनलाइन डाउनलोड कर उसमें दर्ज मोबाइल नंबरों पर संपर्क करता और मामलों में कार्रवाई करने, रोकने या ‘न्याय’ दिलाने का झांसा देकर पैसों की मांग करता था। भय और भरोसे का खेल खेलकर वह लोगों से ऑनलाइन ट्रांजैक्शन और क्यूआर कोड के जरिए रकम ट्रांसफर करवाने का प्रयास करता था।

ऐसे खुला खेल

रायला निवासी जगदीश प्रसाद चौधरी ने रिपोर्ट दी कि उसे एक कॉल आया जिसमें कॉलर ने खुद को “SP भीलवाड़ा” बताया। उसने मांडल थाने में दर्ज एफआईआर के संबंध में बयान नहीं देने और थाने में उपस्थित नहीं होने की बात कही। साथ ही मामले में ‘न्याय’ दिलाने के नाम पर पैसों की मांग की। मामला दर्ज होते ही साइबर टीम हरकत में आई।

तकनीकी विश्लेषण, CDR और डिजिटल ट्रैकिंग के जरिए आरोपी की लोकेशन मध्यप्रदेश-उत्तरप्रदेश सीमा के पास महेबा चक्र-2, लिधौरा, जिला टीकमगढ़ (मध्यप्रदेश) में ट्रेस हुई। क्षेत्र साइबर ठगी का हॉटस्पॉट माना जाता है, जहां आरोपी जंगलों और खेतों में छिपकर वारदात अंजाम देते हैं।

दो दिन जंगल में डेरा, फिर गिरफ्तारी

संयुक्त टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से दो दिन तक जंगल क्षेत्र में कैंप कर सघन तलाशी अभियान चलाया। आखिरकार आरोपी सत्येन्द्र सिंह उर्फ देशपत यादव (26) निवासी महेबा चक्र-2, लिधौरा, थाना चनेरा, जिला टीकमगढ़ (मध्यप्रदेश) को विधिवत डिटेन कर गिरफ्तार कर लिया गया।

सैकड़ों लोग निशाने पर

पूछताछ में सामने आया कि आरोपी RajCop Citizen App सहित अन्य राज्यों की ऑनलाइन सिटीजन सर्विस वेबसाइट्स पर फर्जी मोबाइल नंबर से लॉगिन कर विभिन्न थानों की एफआईआर डाउनलोड करता था। एफआईआर में दर्ज प्रार्थी/अप्रार्थी के नंबर निकालकर उनसे संपर्क करता और खुद को “SP” या “SHO” बताकर कार्रवाई के नाम पर रकम मांगता।

जांच में खुलासा हुआ कि राजस्थान के सैकड़ों लोगों से ठगी या ठगी का प्रयास किया गया। अकेले भीलवाड़ा जिले के 40 से अधिक लोगों को इसी तरीके से निशाना बनाया गया।

पुलिस की अपील

पुलिस ने आमजन से अपील की है कि पुलिस अधिकारी के नाम से आने वाले किसी भी कॉल पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। ‘न्याय’ या ‘कार्रवाई’ के नाम पर कोई भी राशि ऑनलाइन ट्रांसफर न करें। संदिग्ध कॉल या मैसेज की तुरंत सूचना 1930 साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी थाने में दें।

पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और आमजन की मेहनत की कमाई लूटने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

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