भीलवाड़ा में बारिश का तांडव: मॉल की दीवार गिरी, सड़कें बनीं दरिया,नदियों उफान पर , गांवों से संपर्क टूटा ,स्कुल में छुट्टी

Update: 2025-08-29 16:28 GMT


भीलवाड़ा : शुक्रवार को भीलवाड़ा में तीन घंटे की मूसलाधार बारिश ने शहर को जलमग्न कर हाहाकार मचा दिया। सुबह से दोपहर 1:30 बजे तक चली झमाझम बारिश ने 150 मिलीमीटर पानी बरसाया, जिससे सड़कें दरिया और नाले उफनते समुद्र बन गए। एक दर्जन से अधिक कॉलोनियां पानी में डूब गईं, और जनजीवन ठप हो गया। एक मॉल की बेसमेंट की दीवार धमाके के साथ ढह गई, जिससे 200 से अधिक लोगों में अफरातफरी मच गई। नगर निगम ने बेसमेंट को सीज कर दिया। जिला कलक्टर जसमीत सिंह संधू ने शनिवार को स्कूलों में अवकाश घोषित किया, लेकिन स्टाफ को उपस्थित रहने का आदेश दिया।

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अंडर ब्रिज में फंसे वाहन, स्कूली बच्चों का ट्रैक्टर से रेस्क्यूचित्तौड़ रोड पर रामधाम के अंडर ब्रिज में पानी भरने से एक आई-20 कार और एक बाइक फंस गई। बाइक बह गई, जिसे क्रेन से निकाला गया। शास्त्रीनगर में एक स्कूली बस पानी में फंस गई, जिसमें सवार बच्चों को ट्रैक्टर से रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। प्रशासन ने स्कूलों को बारिश थमने तक बच्चों को रोकने का निर्देश दिया। सड़कों पर तीन से चार फीट पानी जमा होने से दर्जनों वाहन बंद हो गए, और यातायात पूरी तरह ठप रहा 

बाजार और घर डूबे,   कथा की तैयारियां चौपट


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आजाद चौक का लेडीज मार्केट पानी में डूब गया, ठेले-ठेली वाले दुकानें नहीं खोल पाए। पुराने भीलवाड़ा में घरों में एक फीट पानी भर गया, लोग बिस्तरों पर चढ़कर जान बचाते रहे। मेडिसिटी, जहां 9 से 15 सितंबर तक पंडित प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा प्रस्तावित है, वहां पानी भरने से तैयारियां धरी रह गईं। बड़ा मंदिर, बहाला, गुलमंडी, बस स्टैंड, हरी सेवा धर्मशाला, और शास्त्रीनगर में तीन से चार फीट पानी जमा रहा, जहां कारें और बाइकें डूब गईं।



 


नदियों का उफान, गांवों से टूटा संपर्क

मातृकुंडिया बांध से बनास नदी में पानी छोड़े जाने से त्रिवेणी नदी का गेज चार मीटर तक पहुंच गया, जिससे त्रिवेणी संगम का मंदिर और घाट डूब गए। बीगोद और खटवाड़ा के बीच बनास नदी की पुलिया पर तीन फीट पानी आने से गांवों का संपर्क टूट गया। बेड़च और कोठारी नदियों के उफान से जोजवा और पालड़ी के रास्ते बंद हो गए। बारिश रुकने के बाद भी कई इलाकों में दो फीट पानी जमा रहा, जिससे आवागमन में भारी परेशानी हुई।

मौसम सुहावना, लेकिन प्रशासन सतर्क

बारिश के बाद तापमान में गिरावट आई, और उमस से राहत मिली। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में हल्की बारिश और तापमान में कमी की संभावना है। जिला कलक्टर ने स्कूल प्रबंधनों को आदेशों की पालना सुनिश्चित करने की चेतावनी दी। शहरवासियों ने खराब जल निकासी व्यवस्था को इस तबाही का कारण बताया और शीघ्र समाधान की मांग की। प्रशासन राहत कार्यों में जुटा है, लेकिन चुनौतियां बरकरार हैं।


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