जयपुर। जयपुर स्थित हाईकोर्ट बेंच एक बार फिर दहशत के साये में है। शुक्रवार सुबह हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी भरा मेल मिला, जिसने पुलिस और प्रशासन के हाथ-पांव फुला दिए। मेल में बेहद गंभीर चेतावनी देते हुए लिखा गया कि मुख्य न्यायाधीश (CJI) का दौरा रद्द किया जाए और दोपहर 12 बजे तक परिसर खाली कर लिया जाए, क्योंकि वहां आरडीएक्स (RDX) बम प्लांट किए गए हैं। तलाशी अभियान के बाद शुरू हुई सुनवाई
धमकी मिलने के तुरंत बाद सुरक्षा एजेंसियां और डॉग स्क्वायड की टीमें सक्रिय हो गईं। पूरे परिसर में सघन तलाशी अभियान चलाया गया। राहत की बात यह रही कि जांच में कोई भी संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। इस सुरक्षा ड्रिल के कारण अदालत की कार्यवाही में देरी हुई और सुबह 10:30 के बजाय करीब 11 बजे सुनवाई शुरू हो सकी।
CJI का जयपुर दौरा बना निशाना
उल्लेखनीय है कि आज सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत जयपुर आ रहे हैं। वे यहां साइबर सिक्योरिटी पर आयोजित एक सेमिनार का उद्घाटन करने वाले हैं। धमकी भरे मेल में इसी दौरे को निशाना बनाने की बात कही गई थी। बता दें कि बीते गुरुवार को भी हाईकोर्ट को ऐसी ही धमकी मिली थी, जो बाद में अफवाह साबित हुई।
साढ़े तीन महीने में 10वीं बार धमकी
राजस्थान हाईकोर्ट जयपुर पीठ के लिए यह धमकियों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले साढ़े तीन महीनों में यह 10वीं बार है जब कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है:
शुरुआत : 31 अक्टूबर 2025 को पहली बार धमकी मिली थी।
दिसंबर का सिलसिला : 5, 8, 9, 10 और 11 दिसंबर को लगातार मेल आए।
साल 2026 : इस साल अब तक 6, 17, 19 और आज 20 फरवरी को धमकी मिल चुकी है।
वीपीएन (VPN) का खेल : क्यों नहीं पकड़ा जा रहा आरोपी?साइबर विशेषज्ञों का मानना है कि आरोपी 'वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क' (VPN) का इस्तेमाल कर रहा है, जिससे उसका आईपी एड्रेस लगातार बदलता रहता है। साइबर कानून विशेषज्ञ एडवोकेट आदर्श सिंघल के अनुसार, वीपीएन प्रोवाइडर कंपनियों से डेटा हासिल करना एक जटिल प्रक्रिया है, जिसके कारण पुलिस अभी तक आरोपी तक नहीं पहुँच पाई है। हालांकि, तकनीकी जांच के जरिए आरोपी को पकड़ना नामुमकिन नहीं है।
