आरजीएचएस योजना: बिना दवा बेचें 27 लाख रुपए का भुगतान उठाया ,हरिकृष्णा मेडिकल स्टोर और सावरिया फार्मा स्टोर के खिलाफ fIR

Update: 2026-01-02 19:50 GMT

 


भीलवाड़ा/जयपुर हलचल । राजस्थान में आरजीएचएस योजना में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने हाल ही में भीलवाड़ा के दो मेडिकल स्टोर सहित प्रदेश के  6 फार्मा स्टोर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए 4 फार्मा स्टोर के खिलाफ FIR दर्ज करवाई और 2 फार्मा स्टोर को योजना से निलंबित कर दिया। साथ ही, योजना में गलत तरीके से लाभ लेने वाले 19 कार्डधारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई और रिकवरी के लिए पत्र जारी किए गए। इस मामले में 14 कार्मिकों को भी निलंबित किया गया है।

भीलवाड़ा के हरिकृष्णा मेडिकल स्टोर और सावरिया फार्मा स्टोर द्वारा आरजीएचएस योजना के तहत बिना दवा बेचें करीब 27 लाख रुपए का भुगतान उठाने की जानकारी मिलने पर अतिरिक्त औषधि नियंत्रक ने इनके ड्रग लाइसेंस निरस्त कर दिए और FIR दर्ज करवाई। राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी के सीईओ हरजीलाल अटल ने बताया कि इन स्टोरों ने उन दवाओं और इंजेक्शनों का भुगतान योजना में दिखाकर गलत तरीके से पैसा ले लिया, जिन्हें उन्होंने खरीदा ही नहीं था।

नागौर के कॉन्फेड फार्मा स्टोर, रेन और जायल के खिलाफ भी आरजीएचएस पर्चियों में छेड़छाड़ और अनियमितताओं के मामले में FIR दर्ज करवाई गई। इसके अलावा, गंभीर अनियमितताओं के चलते कॉन्फेड फार्मा शॉप नं. 06 (बीकानेर) और शॉप नं. 05 (हनुमानगढ़) को योजना से निलंबित किया गया।

अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी निधि पटेल ने बताया कि लाभार्थियों द्वारा कार्ड का दुरुपयोग करने के मामलों में 19 लाभार्थियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई और रिकवरी के लिए संबंधित विभागों को पत्र भेजा गया है। इससे पहले ऐसे मामलों में 54 कार्मिकों को निलंबित किया जा चुका है। वर्तमान में पुलिस विभाग ने 4 और आयुर्वेद विभाग ने 10 कार्मिकों को निलंबित किया है।

इस कार्रवाई से आरजीएचएस योजना में अनियमितताओं के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति स्पष्ट हो गई है।


निलंबित डॉक्टर और कर्मचारी :-

डॉ. कविता धनखड़ – आयुर्वेद चिकित्सक, राजकीय आयुर्वेद D.B. सामान्य चिकित्सालय, चूरूडॉ. पवन जांगिड़ – आयुर्वेद चिकित्सक, चूरूडॉ. मनीषा – सीएचसी बीबरानी, खैरथल-तिजाराडॉ. नरसीलाल पचौरी – जिला चिकित्सालय, अलवरडॉ. कपिल भारद्वाज – टीबीसी, अलवरमदन मोहन पाण्डे – कम्पाउंडर, आयुर्वेद औषधालय, नाहरी का नाकाचंद्रशेखर जाटव – कम्पाउंडर, बालेटा, अलवरमोहसिन खान – परिचारक, उप निदेशक कार्यालय, आयुर्वेद विभाग, जयपुरमहेश कुमार महावर – सहायक प्रशासनिक अधिकारी, जल संसाधन विभाग

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