मोबाइल जोड़ रहा दुनिया, तोड़ रहा घर!",परिवारों में घोला जहर, टूट रहे रिश्तों के धागे
भीलवाड़ा विजय गढ़वाल। आधुनिक युग का 'स्मार्टफोन' अब रिश्तों के लिए 'स्लो पॉइजन' साबित हो रहा है। जिस मोबाइल को दूरियों को कम करने के लिए लाया गया था, आज वही घर के भीतर संवाद खत्म कर रहा है। भीलवाड़ा के कई परिवारों की कहानी अब मोबाइल के इर्द-गिर्द सिमट कर रह गई है, जिससे न केवल पति-पत्नी के संबंध छूट रहे हैं, बल्कि प्रेमी-प्रेमिकाओं के बीच भी अविश्वास की खाई गहरी हो रही है।
केस स्टडी: घर-घर की यही कहानी
* रेखा (गृहणी): रेखा बताती हैं कि अब घर में किच-किच आम हो गई है। पति ऑफिस से आते ही फोन में लग जाते हैं और बच्चे रील देखने में व्यस्त रहते हैं। गृहणी होने के नाते वह दिन भर जिस संवाद का इंतजार करती हैं, वह मोबाइल की स्क्रीन में दफन हो जाता है।
* अनिता (कारोबारी): अनिता का कहना है कि कारोबार की व्यस्तता तो अपनी जगह है, लेकिन मोबाइल ने पति-पत्नी के बीच के उस 'क्वालिटी टाइम' को छीन लिया है, जो कभी सुकून देता था। अब साथ बैठकर भी दोनों अपने-अपने व्यापारिक समूहों और सोशल मीडिया में खोए रहते हैं।
* इंदिरा (व्यवसायी): इस व्यवसायी दंपत्ति की मानें तो मोबाइल ने घर की शांति भंग कर दी है। देर रात तक चलने वाली चैटिंग और बिजनेस कॉल्स ने आपसी तालमेल को पूरी तरह बिगाड़ दिया है।
* लक्ष्मीनारायण: बुजुर्ग लक्ष्मीनारायण का दर्द है कि पहले परिवार के लोग साथ बैठकर दुख-सुख बांटते थे, लेकिन अब पोते-पोतियां पास बैठकर भी उनसे बात नहीं करते।
पति-पत्नी के संबंध छूट रहे, प्रेमी-प्रेमिकाओं में बढ़ा अविश्वास
आज के दौर में मोबाइल की 'प्राइवेसी' रिश्तों पर भारी पड़ रही है। पति-पत्नी के बीच फोन पर पासवर्ड लगाना और एक-दूसरे से छुपकर बात करना शक पैदा कर रहा है। वहीं, प्रेमी-प्रेमिकाओं के रिश्तों में 'लास्ट सीन' और 'ब्लू टिक' ब्रेकअप की सबसे बड़ी वजह बन रहे हैं। ऑनलाइन मौजूदगी के बावजूद जवाब न देना या किसी और के साथ 'एंगेज' रहना पुराने गहरे प्रेम संबंधों को पल भर में तोड़ रहा है।
हाथों में मोबाइल, पर दिल मीलों दूर
मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि मोबाइल ने हमें 'वर्चुअल दुनिया' का गुलाम बना दिया है। लोग अपने पार्टनर के साथ होने के बावजूद मानसिक रूप से कहीं और होते हैं। यही कारण है कि आज प्रेम संबंधों में वो गहराई नहीं रही, जो पहले हुआ करती थी। संवाद की कमी और अविश्वास ने रिश्तों को केवल एक 'स्टेटस' तक सीमित कर दिया है।
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