खाद्य सुरक्षा को बढ़ावा: व्यापारियों व फूड हैंडलर्स को मिला फॉस्टेक प्रशिक्षण, सीखे स्वच्छता के गुर

Update: 2026-03-17 11:57 GMT

 भीलवाड़ा |  जिले में आमजन को शुद्ध और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मंगलवार को सीएमएचओ कार्यालय परिसर स्थित आईएमए हॉल में खाद्य व्यापारियों और फूड हैंडलर्स के लिए एक दिवसीय फॉस्टेक (Food Safety Training and Certification) प्रशिक्षण एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया।

गुणवत्ता और स्वच्छता ही प्राथमिकता: डॉ. संजीव शर्मा

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव कुमार शर्मा ने कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए कहा कि सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना केवल वैधानिक आवश्यकता नहीं, बल्कि नैतिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने जोर दिया कि खाद्य व्यवसाय से जुड़े हर व्यक्ति को स्वच्छता के वैश्विक मानकों की जानकारी होना अनिवार्य है ताकि मिलावट और संक्रमण मुक्त भोजन परोसा जा सके।

मास्टर ट्रेनर ने सिखाए सुरक्षा के 'मंत्र'

एफएसएसएआई (FSSAI) नई दिल्ली द्वारा अधिकृत मास्टर ट्रेनर ससेन्द्र महरे ने पीपीटी (PPT) के माध्यम से विस्तार से जानकारी दी। प्रशिक्षण के मुख्य बिंदु रहे:

व्यक्तिगत स्वच्छता: फूड हैंडलर्स के लिए हाथ धोना, साफ कपड़े, हेड कवर और ग्लव्स का उपयोग अनिवार्य है।

क्रॉस-कंटेमिनेशन: कच्चे और पके हुए माल को अलग-अलग रखकर संक्रमण से बचाव।

RUCO (रीयूज्ड कुकिंग ऑयल): बार-बार गर्म किए गए तेल के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया गया और इसे सीमित उपयोग में लेने की सलाह दी गई।

नियम व लेबलिंग: खाद्य पदार्थों के सही संग्रहण, लाइसेंस, पंजीयन और उचित लेबलिंग की जानकारी दी गई।

मिड-डे मील से लेकर स्ट्रीट वेंडर्स तक हुए शामिल

खाद्य सुरक्षा अधिकारी अशोक यादव ने बताया कि प्रशिक्षण के लिए विशेष पंजीयन स्टॉल लगाए गए थे। इस कार्यशाला में जिले के मिठाई विक्रेता, अन्नपूर्णा रसोई के फूड हैंडलर्स, मिड-डे मील के कुक, आवासीय विद्यालयों के रसोइये, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और आजीविका समूह की महिलाओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया। साथ ही होटल-रेस्टोरेंट, डेयरी संचालक और स्ट्रीट वेंडर्स (कचौरी, पकौड़ी व चाय विक्रेता) ने भी सुरक्षित भोजन परोसने की बारीकियां सीखीं।

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