हरिशेवा उदासीन आश्रम ने बढ़ाया मदद का हाथ, वनवासी क्षेत्रों के लिए भेजी सेवा सामग्री
भीलवाड़ा । सेवा और मानवता की भावना को साकार करते हुए हरिशेवा धर्मशाला द्वारा वनवासी क्षेत्रों के लिए एक विशेष सेवा अभियान चलाया गया। इस पहल के तहत उदयपुर क्षेत्र के वनवासी हॉस्टलों में रह रहे छात्र-छात्राओं एवं स्टाफ की मूलभूत आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए उपयोगी सामग्री उपलब्ध कराई गई है।
हरि शेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर के महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन ने इस पुनीत कार्य का शुभारंभ किया। प्रातः काल की हल्की सर्दी को देखते हुए आश्रम की ओर से 811 पतले कंबल, 811 शॉल व दुपट्टे, 31 साड़ियां और 25 हजार रुपये का चेक सहयोग स्वरूप प्रदान किया गया।
यह समस्त सामग्री और सहायता राशि वनवासी कल्याण परिषद की जिलाध्यक्ष मनीषा जाजू, संरक्षक पल्लवी वच्छानी तथा प्रांत नगरीय कार्य प्रमुख रामप्रकाश अग्रवाल को सौंपी गई। परिषद के माध्यम से यह सामग्री सीधे जरूरतमंद विद्यार्थियों तक पहुंचाई जाएगी।
समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे सेवा: स्वामी हंसराम
इस अवसर पर स्वामी जी ने कहा कि हरि शेवा आश्रम द्वारा प्रतिवर्ष समय-समय पर ऐसे सेवा प्रकल्प चलाए जाते हैं। इनका मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति की मदद करना और मानवीय मूल्यों को मजबूती प्रदान करना है।
गरिमामय उपस्थिति
सामग्री वितरण के दौरान आश्रम के संत मायाराम, संत गोविन्द राम, संत केशव राम, ब्रह्मचारी मिहिर और सचिव हेमंत वच्छानी मौजूद रहे। साथ ही लघु उद्योग भारती के प्रान्त पदाधिकारी रविंद्र जाजू, आरएसएस के विभाग संघ चालक चांदमल सोमानी, ईश्वर आसनानी सहित शहर के कई गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
