गंगापुर न्यायालय का अहम फैसला: पति की अपील पर एकतरफा तलाक की डिक्री खारिज
गंगापुर (दिनेश लक्षकार)। अपर जिला न्यायालय गंगापुर की न्यायाधीश श्रीमती अनिता (आरजेएस) ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए पति के प्रार्थना पत्र को स्वीकार कर पूर्व में जारी तलाक की एकपक्षीय डिक्री व निर्णय को अपास्त (रद्द) कर दिया है। मामले में प्रार्थी पति रूपनारायण गुर्जर की ओर से एडवोकेट यासीन मोहम्मद पठान ने पैरवी की।
जानकारी के अनुसार, झूमपूरा निवासी रूपनारायण गुर्जर की पत्नी नारायणी गुर्जर ने पारिवारिक न्यायालय गंगापुर में हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13 के तहत तलाक के लिए प्रार्थना पत्र पेश किया था। इस पर न्यायालय ने पूर्व में एकपक्षीय सुनवाई करते हुए तलाक की डिक्री पारित कर दी थी। इस एकपक्षीय फैसले की जानकारी मिलने पर पति रूपनारायण गुर्जर ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से आदेश 9 नियम 13 सपठित धारा 151 सिविल प्रक्रिया संहिता के तहत उसी न्यायालय में पुख्ता सबूतों के साथ प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया और डिक्री को अपास्त करने की गुहार लगाई। न्यायालय ने विपक्षिया नारायणी गुर्जर को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया। इसके पश्चात, दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की विस्तृत बहस सुनने और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद माननीय न्यायालय ने पति के प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए एकतरफा तलाक की डिक्री को खारिज कर दिया।
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