फाल्गुन मास का आरंभ: 4 फरवरी को शुक्र उदय के साथ गूंजेंगी शहनाइयां, जानें शुभ मुहूर्त
भीलवाड़ा। सनातन धर्म में फाल्गुन मास को आध्यात्मिक उन्नति और सौभाग्य का प्रतीक माना गया है। यह हिंदू कैलेंडर का अंतिम महीना होता है, जिसमें महाशिवरात्रि और होली जैसे महापर्व उल्लास के साथ मनाए जाते हैं। पंडित अरविंद दाधीच के अनुसार, इस वर्ष फाल्गुन माह की शुरुआत 2 फरवरी से हो चुकी है, जो 3 मार्च तक रहेगा।
शुक्र उदय: मांगलिक कार्यों पर लगा ब्रेक होगा खत्म
विवाह, गृह प्रवेश और नई खरीदारी के लिए इंतजार अब समाप्त होने वाला है। 4 फरवरी को शुक्र ग्रह का उदय होने जा रहा है। गौरतलब है कि 8 दिसंबर से शुक्र अस्त होने के कारण मांगलिक कार्यों पर रोक लगी हुई थी। शुक्र को सुख, वैभव और दांपत्य सुख का प्रतीक माना जाता है, इसलिए इनके उदय होते ही शुभ कार्यों का सिलसिला फिर शुरू हो जाएगा।
विवाह के आगामी शुभ मुहूर्त:
पंडित के अनुसार, फरवरी और मार्च माह में विवाह के लिए निम्नलिखित तिथियां श्रेष्ठ हैं:
* फरवरी माह: 10, 13, 19 और 20 फरवरी।
* मार्च माह: 9, 11 और 12 मार्च।
फाल्गुन मास का महत्व और नियम:
* चंद्रदेव का जन्मोत्सव: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी माह में चंद्रदेव का जन्म हुआ था, इसलिए चंद्रमा की पूजा विशेष फलदायी है।
* शिव-कृष्ण आराधना: फाल्गुन में भगवान शिव और श्रीकृष्ण की साधना से जीवन के कष्ट दूर होते हैं। शिवलिंग पर जल, दूध और बिल्व-पत्र अर्पित करना शुभ माना गया है।
* सात्विक जीवन: इस दौरान तामसिक भोजन (मांस, मदिरा, लहसुन, प्याज) से परहेज करना चाहिए और वाणी में मधुरता रखनी चाहिए।
* दान और तर्पण: पितरों की कृपा के लिए तर्पण और जरूरतमंदों को अन्न-वस्त्र का दान करना सुख-समृद्धि लाता है।
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