गंगापुर में 2100 कुंडीय वैदिक यज्ञ का स्वर्वेद शोभा यात्रा के साथ हुआ शुभारंभ
गंगापुर( दिनेश लक्षकार) ब्रह्मविद्या विहंगम योग के प्रथम परंपरा सद्गुरु आचार्य धर्मचंद्रदेव महाराज की 107वीं जन्म जयंती के पावन अवसर पर नगर में 2100 कुंडीय विश्व शांति वैदिक महायज्ञ एवं वर्तमान सद्गुरु आचार्य स्वतंत्रदेव महाराज की अमृतवाणी के कार्यक्रम को लेकर शनिवार को भव्य स्वर्वेद शोभायात्रा निकाली गई।
यह शोभायात्रा नगर के आमली मार्ग स्थित कालुगणी समाधि स्थल से प्रारंभ हुई,जो नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए रायपुर रोड़ स्थित एसबीआई बैंक के समीप पहुंची। मार्ग में जगह-जगह स्थानीय निवासियों द्वारा पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा का जोरदार स्वागत किया गया। यात्रा के दौरान भक्तों ने जयकारे लगाते हुए विहंगम योग की महिमा का गुणगान किया।
ग्रीड के निकट कथा स्थल पर आयोजित कार्यक्रम में संत प्रवर विज्ञानदेव महाराज ने जय स्वर्वेद कथा का दिव्य वाचन किया, जिससे श्रद्धालुओं में आध्यात्मिक उत्साह का संचार हुआ। कार्यक्रम के संयोजक कैलाश पारीक ने बताया कि रविवार को सुबह 7 से 9 बजे तक आसन, प्राणायाम एवं ध्यान सत्र,सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक 2100 कुंडीय विश्व शांति वैदिक महायज्ञ जिसका उद्देश्य विश्व शांति, पर्यावरण संरक्षण एवं मानसिक शांति स्थापित करना है,दोपहर 1 से 2 बजे तक सामूहिक भंडारा,सायं 5 से 7 बजे तक संत प्रवर विज्ञानदेव महाराज द्वारा जय स्वर्वेद कथा एवं उसके पश्चात सद्गुरु आचार्य स्वतंत्रदेव महाराज की अमृतवाणी
विहंगम योग एक प्राचीन ब्रह्मविद्या है,जिसके नियमित अभ्यास से मानसिक तनाव मुक्ति,आत्मिक शांति तथा सकारात्मक जीवन परिवर्तन प्राप्त होते हैं। यह आयोजन विहंगम योग के अनुयायियों के लिए अध्यात्मिक महाकुंभ के समान है,जहां हजारों श्रद्धालु एकत्र होकर सद्गुरु की कृपा प्राप्त करने आते हैं ।नगरवासियों ने इस भव्य आयोजन में बढ़-चढ़कर भाग लिया और वैदिक मंत्रों की गूंज से पूरा वातावरण गुंजायमान रहा।