भीलवाड़ा: /सदियों से चली आ रही तप(अलाव) तपने की परम्परा को जीवित रखने के लिए डी सेक्टर आजाद नगर वासी तप की विदाई का विशेष कार्यक्रम आयोजित करते है । "तप विदाई कार्यक्रम" के संयोजक महेश मंडोवरा ने बताया कि सर्दियों में तप (अलाव) शरीर को गर्माहट,मानसिक सुकून और सामाजिक जुड़ाव प्रदान करने का पारंपरिक और महत्वपूर्ण माध्यम है, तप अपशिष्ट निस्तारण के माध्यम से प्राकृतिक संरक्षण का संदेश भी देता है । इसके महत्व को देखते हुए कॉलोनी वासी लगातार तीन सालों से इस अनूठे कार्यक्रम को आयोजित करते हुए तप तपने की संस्कृति को जिंदा रखने की प्रेरणा दे रहे है ।कार्यक्रम के सह संयोजक एडवोकेट राकेश नुवाल,बनवारी लाल लड्ढा, कैलाश चंद्र जागेटिया,अमित पलोड ने बताया कि इस अनूठे कार्यक्रम के माध्यम से कॉलोनी वासी तप तपने के समय एक साथ बैठने से बढ़ने वाले सामाजिक मेलजोल, सनातन संस्कृति पर चर्चा, मानसिक शांति,विभिन्न पारिवारिक और सामाजिक समस्याओं पर सार्थक चर्चा,वातावरण की नमी और कीटाणुओं को कम करने के साथ ही तप के सांस्कृतिक और पारंपरिक संरक्षण की महत्ता का संदेश समुदाय में देते है ।सहभोज के साथ संपन्न हुए इस आयोजन में रतनलाल सोडाणी,रतन लाल मूंदड़ा, नितिन ईनाणी,रामपाल काबरा, श्याम सुंदर काकानी,अशोक जागेटिया,महावीर जागेटिया, शिवम काबरा,प्रदीप जागेटिया, पंकज लाहोटी, गोपाल लाल शर्मा,पारसमल पीपाड़ा,प्रेम शंकर शर्मा,एडवोकेट विकास शर्मा,संजय सोमानी,अनिल तोतला,अखिल जाजू ,अशीष लड्ढा,रामकिशन सेठिया,जगदीश जागेटिया,नवरतन सोनी, दीनदयाल जोशी,कमल किशोर त्रिपाठी, सुनील अग्रवाल, मुकेश अग्रवाल का विशेष सहयोग रहा ।इस पुनीत अवसर पर मौहल्ले की मातृ शक्ति ने भजन गाकर कार्यक्रम को चार चाँद लगा दिए ।