बजट 2026 से कर्मचारियों को झटका, उम्मीदों पर फिरा पानी

Update: 2026-02-13 06:30 GMT

भीलवाड़ा। अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) के प्रदेशाध्यक्ष राजेन्द्र राना एवं महासंघ प्रमुख महेंद्र सिंह ने राजस्थान बजट 2026 पर राज्य कर्मचारियों की ओर से मिली-जुली प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि बजट में नियमित और अनियमित दोनों ही वर्गों के कर्मचारियों के हाथ लगभग खाली रहे हैं, जिसकी कर्मचारियों को अपेक्षा नहीं थी।

उन्होंने बताया कि नियमित कर्मचारियों की पिछले 20 वर्षों से चली आ रही वेतन विसंगतियों के समाधान को लेकर खेमराज कमेटी की पूर्व प्रकाशित रिपोर्ट में किसी भी संवर्ग की मूल वेतन विसंगति दूर करने की सिफारिश नहीं किए जाने से कर्मचारियों में भारी नाराजगी थी। महासंघ की मांग पर इस रिपोर्ट के पुनः परीक्षण हेतु उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया जाना सकारात्मक कदम है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश की तर्ज पर सैलरी एवं पेंशन खातों के बीमा का निर्णय भी स्वागत योग्य बताया गया है।

महासंघ के प्रवक्ता जितेन्द्र चौधरी ने कहा कि 50 प्रतिशत पेंशन के लिए पुरानी संविदा सेवा अवधि को नियमित सेवा में नोशनल गणना में शामिल करने तथा नियमित सेवा अवधि को दिल्ली की तरह 25 वर्ष से घटाकर 20 वर्ष करने की मांग पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। इसी प्रकार संविदा, निविदा एवं मानदेय भोगी कर्मचारियों के नियमितीकरण, 9/18/27 वर्ष पर मिलने वाले MACP लाभ को 7/14/21 वर्ष करने, पदनाम परिवर्तन, भ्रष्टाचार मुक्त स्थानांतरण नीति, पदोन्नति पदों में वृद्धि जैसी ज्वलंत मांगों पर सरकार की चुप्पी से कर्मचारियों में असंतोष और गहरा गया है।

महासंघ पदाधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री को इन मुद्दों पर संवेदनशीलता के साथ विचार करते हुए कर्मचारियों की अपेक्षाओं के अनुरूप निर्णय करना चाहिए।

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