आकोला में श्रीमद् भागवत कथा की भव्य पूर्णाहुति, भक्तिमय वातावरण में गूंजे जयकारे

Update: 2026-01-28 10:38 GMT

आकोला (रमेश चंद्र डाड)। श्री बाणमाता शक्तिपीठ गोवटा बांध पर गुरुवार से चल रही श्रीमद् भागवत कथा का बुधवार को वैदिक मंत्रोच्चार, हवन आहुति और महाआरती के साथ भव्य पूर्णाहुति हुई। पूरा पांडाल भक्तिमयता के साथ जयकारों और भजन-कीर्तन से गूंज उठा।

कथावाचक प्रेमनारायण महाराज (गेंहूखेड़ी) ने कहा कि घर-घर प्रतिदिन कीर्तन करना और मन-आत्मा में सद्गुणों का ग्रहण करना भागवत सुनने का पुण्य समान है। उन्होंने बताया कि मन में किसी भी प्रकार का बैर न रखना और सभी को अपना समझना ही प्रभु के चरणों में स्थान पाने का मार्ग है। उन्होंने चेतावनी दी कि जो महिलाएं बैर रखती हैं, वह आगे जाकर डायन बनती हैं, और जो पुरुष बैर रखते हैं, वह भूत योनि में विचरते हैं।

महाराज ने कहा कि जीवन में पंचामृत को धारण करने वाला व्यक्ति अमरता के समान पुण्य प्राप्त करता है। इसमें नाम को नाव, काम को सेवा, भगवान को साथ, किसी का बुरा न मानना और पाप से डरना शामिल है। इन्हें अपनाने वाला व्यक्ति श्री हरि के चरणों में स्थान पाता है।

पूजा-अर्चना पंडित बनवारी शर्मा द्वारा करवाई गई। मुख्य यजमान नंदकिशोर सनाढ्य, जोड़ा शंभू सिंह, बाबू लाल तेली, राजकुमार शर्मा और भेरू कुमावत ने पूजा-अर्चना में भाग लिया। कार्यक्रम में मेंढ़केश्वर महादेव महंत नंदकिशोर महाराज, जिला परिषद सदस्य हरी लाल जाट, पंचायत समिति सदस्य धनराज जाट, मांडलगढ़ भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष अशोक जीनगर, मांडलगढ़ चारभुजा मंदिर निर्माण कमेटी अध्यक्ष नंदलाल सेन समेत अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक और धार्मिक संगठन के अध्यक्ष तथा भक्तजन उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में बाणमाता शक्तिपीठ के अध्यक्ष अशोक कुमार शर्मा, महामंत्री अमित जोशी, उपाध्यक्ष अमरनाथ योगी, लादू गुर्जर, जगपाल सिंह, कोषाध्यक्ष कन्हैया लाल धाकड़, भगवत सिंह, नारायण लाल धाकड़, व्यवस्थापक प्रमोद धाकड़, सत्यनारायण सुथार, छीतर लाल सुथार, हीरा धाकड़, केशियर प्रदीप पोरवाल, अनुराग पाराशर, खाना धाकड़, नारायण धाकड़, कैलाश धाकड़, बालू सिंह, भवर कुमावत, धनराज कुमावत, शंभू सिंह गहलोत, भेरू मेवाड़ा, धर्मचंद जैन, कैलाशचंद्र तेली सहित भारी संख्या में महिला-पुरुष भक्तजन मौजूद रहे। पूर्णाहुति के दौरान पांडाल तालियों की गड़गड़ाहट और भक्तों के नाचते-गाते, आंसुओं भरे जयकारों से गुंजित रहा।

Tags:    

Similar News

साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को:: आसमान में दिखेगा 'रिंग ऑफ फायर' का अद्भुत नजारा