भीलवाड़ा में 'सनातन कुंभ' का भव्य शंखनाद: कलश यात्रा के साथ आठ दिवसीय महोत्सव शुरू

Update: 2026-02-19 08:12 GMT



भीलवाड़ा । धर्मनगरी भीलवाड़ा में गुरूवार को आठ दिवसीय सनातन मंगल महोत्सव एवं दीक्षा दान समारोह का भव्य आगाज विशाल मंगल कलश शोभायात्रा के साथ हो गया। शोभायात्रा में शामिल होने के लिए मातृशक्ति के साथ श्रद्धालु भी उमड़ पड़े। को हरि शेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर भीलवाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन महाराज के मार्गदर्शन में होने वाले इस आयोजन की कलश शोभायात्रा में भीलवाड़ा के प्रमुख संत महात्माओं के साथ समाज के विभिन्न वर्गो से जुड़ी मातृशक्ति उत्साह से शामिल हुई।

सुबह 9.15 बजे श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर से प्रारंभ मंगल कलश शोभायात्रा में 1008 मातृशक्ति सिर पर मंगल कलश धारण करके चल रही थी। शोभायात्रा में महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन महाराज के साथ सासंद दामोदर अग्रवाल, महामंडलेश्वर स्वामी हितेशवरानंद महाराज, श्रीधाम वृन्दावन के कथा व्यास डॉ. श्यामसुन्दर पाराशर, महंत प्रकाशमुनी, स्वामी वेदांनंद, संत सेवादास, संत श्रवण मुनि, महंत आसन दास, संत नरेश मुनि, महंत स्वरुप दास उदासीन, महंत हनुमान राम उदासीन, संत हंसदास, संत मोहन दास, संत संतदास, स्वामी ईश्वर दास, स्वामी दर्शन दास, संत स्वरुप दास, संत गौतम दास, संकटमोचन हनुमान मंदिर के महन्त बाबू गिरी महाराज, हनुमान टेकरी के महन्त बनवारी शरण काठिया बाबा, हाथीभाटा आश्रम के महन्त संतदास महाराज, निम्बार्क आश्रम के महन्त मोहनशरण शास्त्री, पुजारी मुरारी पांडे, संत मायाराम, संत गोविंद राम, ब्रह्मचारी इंद्रदेव, कुनाल, सिद्धार्थ, मिहिर, पंडित सत्यनारायण शर्मा आदि शामिल हुए।

व्यास पीठ पर रखे जाने वाला श्रीमद् भागवत का ग्रंथ शोभायात्रा में संत महात्मा अपने सिर पर धारण करके चले। शोभायात्रा गोल प्याउ, सूचना केन्द्र चौराहा, आजाद चौक, वीर सावरकर चौक होते हुए हरि शेवा आश्रम सनातन मंदिर में श्रीमद् भागवत कथा के लिए बनाए हुए विशाल पांडाल में पहुंची। शोभायात्रा में सबसे आगे अश्व सवार धर्म ध्वज लिए हुए था तो उसके पीछे दुपहिया वाहनों पर बेटियां भगवा ध्वज लिए हुए थी। जुलूस में कान्हा आन बसो वृन्दावन में उमर बीत गई गोकुल में जैसी मधुर स्वर लहरिया बिखेर रहे बैण्ड के पीछे दुर्गा शक्ति अखाड़ा की बेटियां सनातन मंगल महोत्सव ओर जयश्री राम लिखी धर्म ध्वजा फहराते हुए चल रही थी। इनके पीछे सिर पर कलश धारण किए तीन-तीन की कतार में हजारों की तादाद में मातृशक्ति वंदेमातरम, जयश्री राम, राधे-राधे के जयकारे लगाते हुए चल रही थी। मातृशक्ति ने चुंदड़ या आयोजन के लिए तैयार विशेष साड़िया पहन रखी थी। इनके पीछे वैदिक मंत्रोच्चार की गूंज के साथ भगवा वस्त्र पहने ओर हाथों में ॐ लिखी ध्वज पताकाएं लिए श्री जोगणिया माता शक्तिपीठ वेद विद्यालय के छात्र चल रहे थे।

शोभायात्रा के स्वागत के लिए शहरवासी उमड़े पड़े ओर जगह-जगह पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया गया। कलश शोभायात्रा के मार्ग में जगह-जगह स्वागत द्वार भी लगाए गए थे। शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालु हाथों में सनातन मंगल महोत्सव लिखे ध्वज लेकर भी चलते रहे। सनातन सेवा समिति एवं हंसगंगा हरि शेवा मण्डल के सदस्य भी उत्साह से शोभायात्रा में शामिल थे। कलश शोभायात्रा के कथा स्थल पर पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। महोत्सव के तहत 25 फरवरी तक प्रतिदिन दोपहर 1 से शाम 4 बजे तक श्रीधाम वृन्दावन के कथा व्यास डॉ. श्यामसुन्दर पाराशर के मुखारबिंद से श्रीमद भागवत कथा का वाचन होगा।

महोत्सव के मुख्य आकर्षण और कार्यक्रम:

श्रीमद् भागवत कथा: श्रीधाम वृन्दावन के कथा व्यास डॉ. श्यामसुन्दर पाराशर द्वारा प्रतिदिन दोपहर 1 से शाम 4 बजे तक कथा का वाचन किया जाएगा।

धार्मिक अनुष्ठान: विश्व शांति हेतु प्रतिदिन सुबह 8 बजे से पंचकुण्डीय श्री विष्णु महायज्ञ, 108 भागवत मूल पाठ और शतचण्डी पाठ का आयोजन होगा।

विशेष आकर्षण: काशी की तर्ज पर प्रतिदिन शाम 6 बजे भव्य गंगा आरती और शाम 7 बजे से वृन्दावन के कलाकारों द्वारा रासलीला की प्रस्तुति दी जाएगी।

वीआईपी उपस्थिति: राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागड़े 20 फरवरी को महोत्सव में सम्मिलित होंगे। साथ ही देश भर से प्रख्यात संत और राजनेता इस 'सनातन कुंभ' के साक्षी बनेंगे।


दीक्षा दान और संत समागम:

महोत्सव का समापन 26 फरवरी को होगा, जिसमें तीन ब्रह्मचारियों (इन्द्रदेव, कुनाल एवं सिद्धार्थ) को विधिपूर्वक दीक्षा प्रदान की जाएगी। इससे पूर्व 25 फरवरी को शहर में विशाल सनातन शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसमें मथुरा के स्वामी गुरूशरणानंद महाराज और अमरकंटक के बाबा कल्याणदास महाराज सहित कई महान विभूतियों का सानिध्य प्राप्त होगा।

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