भीलवाड़ा। जिले के आसींद क्षेत्र में बुधवार देर शाम हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की रबी फसलें चौपट हो गईं। कालियास सहित मोड़ का निम्बाहेड़ा, करजालिया, पालड़ी, सरेरी और आमेसर जैसे ग्रामीण इलाकों में गेहूं, जौ और अन्य रबी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। किसानों ने सरकार से उचित मुआवजे की मांग की है।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार अचानक बदले मौसम के कारण खेतों में खड़ी फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। ब्रह्मपुरी निवासी किसान कैलाश शर्मा ने बताया कि हजारों बीघा में बोई गई गेहूं और जौ की फसलें ओलों की मार से जमीन पर बिछ गईं और कई स्थानों पर पूरी तरह बर्बाद हो गईं।
किसानों ने बताया कि फसलें पकाव की अवस्था में थीं, ऐसे में ओलावृष्टि से उत्पादन पर सीधा और गंभीर असर पड़ेगा। इससे उनकी आर्थिक स्थिति पर संकट आ गया है।
गुरुवार सुबह जब किसान अपने खेतों में पहुंचे तो नुकसान का आकलन कर उनकी चिंता और बढ़ गई। कई खेतों में फसलें पूरी तरह जमीन पर बिछी हुई थीं। गेहूं और जौ के अलावा सब्जी और अन्य रबी फसलों को भी व्यापक क्षति पहुंची है।
किसानों ने प्रशासन से तत्काल प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे करवाकर उचित मुआवजा प्रदान करने की मांग की है, ताकि हुए नुकसान की भरपाई हो सके। ग्रामीणों ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि समय पर राहत नहीं मिली तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
