आस्था, संस्कार और सामूहिक विवाह का अनूठा संगम बना जयनगर

Update: 2026-02-07 08:04 GMT

भीलवाड़ा। आसींद क्षेत्र के नवसृजित पंचायत जयनगर गांव में धार्मिक आस्था और सामाजिक समरसता का दुर्लभ दृश्य देखने को मिला, जब श्रग ऋषि सेवा संस्थान के तत्वावधान में चारभुजा नाथ, ऋषि सारंग और माता शांता मंदिर की मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा समारोह आयोजित किया गया। इसी के साथ आदर्श सामूहिक विवाह सम्मेलन और तुलसी विवाह का आयोजन कर गांव ने एक नई मिसाल कायम की।

समारोह के अवसर पर पूरे जयनगर गांव को विशेष रूप से सजाया गया, जिससे माहौल भक्तिमय हो उठा। पंडित मदनलाल शास्त्री के सानिध्य में पंचकुंडीय हवन यज्ञ संपन्न हुआ, जिसमें यजमानों और विवाह बंधन में बंधने वाले जोड़ों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आहुतियां दीं। प्रातःकाल मूर्तियों का विधिवत अभिषेक किया गया।

अनाधिदिवस पर महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों में सुसज्जित होकर जयनगर सागर महाराज के स्थान से बैंड-बाजों के साथ कलश यात्रा निकाली। कलशों के साथ महिलाएं नवनिर्मित चारभुजा मंदिर परिसर पहुंचीं, जहां विधि-विधान से कलश स्थापना की गई।

आदर्श सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन समस्त सिखवाल समाज जयनगर के कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया। कार्यकर्ताओं के अनुसार 7 फरवरी, शनिवार को 11 गांवों से भगवान शालिग्राम की बारात के रूप में भव्य शोभायात्रा जयनगर पहुंची। इस दौरान 51 गांवों की प्रभात फेरी और शोभायात्रा भी निकाली गई, जिससे आयोजन और अधिक भव्य बन गया।

कार्यक्रम के तहत तुलसी विवाह, पाणिग्रहण संस्कार तथा अतिथियों और भामाशाहों का सम्मान समारोह भी आयोजित किया गया। अभिजीत मुहूर्त में नवनिर्मित चारभुजा नाथ मंदिर में जयघोष के बीच कलश चढ़ाया गया और मूर्तियों की विधिवत प्राण प्रतिष्ठा की गई। आयोजन ने जयनगर गांव को आस्था, परंपरा और सामाजिक एकता के केंद्र के रूप में स्थापित कर दिया।

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