हमीरगढ़ जामा मस्जिद में अक़ीदत के साथ अदा हुई रमज़ान के आख़िरी जुमे की नमाज़

Update: 2026-03-13 14:30 GMT



हमीरगढ़ (अल्लाउद्दीन मंसूरी ) कस्बे में मुक़द्दस माह रमजान के 23वें रोज़े पर आख़िरी जुमे की नमाज़ जामा मस्जिद में पूरी अक़ीदत व एहतराम के साथ अदा की गई। इस मौक़े पर मुस्लिम समाज के बड़ी तादाद में नमाज़ी मस्जिद पहुँचे और मुल्क में अमन-ओ-अमान, ख़ुशहाली व तरक़्क़ी के लिए ख़ास दुआएँ मांगी। नमाज़ के बाद नमाज़ियों ने एक-दूसरे से गले मिलकर मुबारकबाद पेश की तथा समाज में भाईचारा और मोहब्बत कायम रखने का पैग़ाम दिया। कस्बे के बाज़ारों में भी ईदुल फ़ितर को लेकर रौनक बढ़ने लगी है और लोग ख़रीदारी व त्योहार की तैयारियों में मशगूल दिखाई दिए।

इस मौके पर नया बाजार स्थित जामा मस्जिद के इमाम साहब ने अपने बयान में फरमाया कि रमज़ान का महीना इबादत, सब्र और इंसानियत का सन्देश देता है। उन्होंने सभी लोगों से ज़कात, फितरा और जरूरतमंदों की मदद करने, समाज में मोहब्बत व भाईचारा बनाए रखने और अपने अमल को नेक बनाने की अपील की। इमाम साहब के मुताबिक अगर 29 रमज़ान को चाँद नज़र आ जाता है तो अगले रोज़ ईद-उल-फ़ित्र का त्योहार पूरे जश्न-ओ-ख़ुशी के साथ मनाया जाएगा। वहीं चाँद नज़र नहीं आने की सूरत में 30 रोज़े मुकम्मल कर उसके अगले दिन ईद मनाई जाएगी।

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