भक्ति का महाकुंभ: केसरिया हुआ रामधाम, 142 श्रद्धालुओं ने हवन की आहुतियों के साथ शुरू किया मानस का सस्वर पाठ
भीलवाड़ा। शहर के हमीरगढ़ रोड स्थित श्री रामधाम विरक्ताश्रम में गुरुवार को अध्यात्म और श्रद्धा का अनूठा संगम देखने को मिला। अवसर था श्री रामधाम रामायण मंडल ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित 71वें अष्टोत्तरशत श्रीरामचरितमानस नवाह्न पारायण महायज्ञ के आगाज का। चैत्र शुक्ल एकम के पावन अवसर पर पूरा आश्रम परिसर केसरिया और पीत आभा से सराबोर नजर आया। अनुष्ठान का शुभारंभ सुबह वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान पूर्वक अग्नि प्रज्वलित कर किया गया। मुख्य कुंड में आहुतियां देकर विश्व कल्याण की कामना की गई। इसके पश्चात माण्डल वाले घनश्याम उपाध्याय के सानिध्य में व्यास पीठ से मानस की चौपाइयों का सस्वर गान शुरू हुआ। पहले दिन 142 भक्तों ने पीत वस्त्र धारण कर सामूहिक पारायण में भाग लिया। ट्रस्ट के सचिव अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि यह आयोजन भीलवाड़ा की सात दशकों पुरानी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान बन चुका है। प्रतिदिन सुबह 7:15 से चलने वाले इस अनुष्ठान में श्रद्धालु प्रभु श्रीराम के आदर्शों को आत्मसात करेंगे।अग्रवाल ने बताया कि राम जन्मोत्सव 26 मार्च (रामनवमी) को मध्याह्न 12:15 बजे मनाया जाएगा। 26 मार्च संध्या 6:00 बजे भगवान को छप्पन भोग अर्पित कर मनोहारी झांकी सजाई जाएगी। 27 मार्च को सुबह 10:00 बजे आचार्य पं. रामू जी शर्मा के निर्देशन में महायज्ञ की पूर्णाहुति होगी। ट्रस्ट सदस्य ललित हेड़ा ने जानकारी दी कि श्रद्धालुओं के उत्साह को देखते हुए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। जो श्रद्धालु जमीन पर बैठकर पाठ करने में असमर्थ हैं, उनके लिए ट्रस्ट की ओर से टेबल-कुर्सी की विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि वे निर्बाध रूप से भक्ति का लाभ ले सकें।