आंखों में खुशी के आंसू, चेहरे पर मुस्कान; कृत्रिम अंग पाकर दिव्यांग बोले- 'ईश्वर ने फिर थाम लिया हाथ'
भीलवाड़ा । शहर के रामधाम के पीछे स्थित काशीपुरी वकील कॉलोनी माहेश्वरी भवन में इन दिनों श्रद्धा, सेवा और संवेदना का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। भारत विकास परिषद की विवेकानंद शाखा द्वारा आयोजित 56वें दिव्यांग सहायता शिविर के दूसरे दिन का नजारा ऐसा था, जिसे देखकर हर आंख नम हो गई और हर दिल दुआएं देने लगा।
शिविर में जब वर्षों से बिना हाथ और पैर के जीवन काट रहे दिव्यांगजन पहुंचे, तो उनकी व्यथा शब्दों से परे थी। लेकिन जैसे ही भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति के कुशल टेक्नीशियनों ने उन्हें 'जयपुर फुट' और कृत्रिम हाथों का सहारा दिया, उनकी दुनिया ही बदल गई। जो दिव्यांग कल तक जमीन पर रेंग कर चलने को मजबूर थे, वे आज अपनों के सहारे के बिना खुद के पैरों पर खड़े होकर मुस्कुराते नजर आए। यह महज एक चिकित्सा शिविर नहीं, बल्कि एक धार्मिक अनुष्ठान जैसा प्रतीत हो रहा था, जहाँ मानव सेवा ही माधव सेवा बन गई।
छलक आए खुशी के आंसू
शिविर का सबसे हृदयस्पर्शी दृश्य तब देखने को मिला जब एक वृद्ध दिव्यांग को नया पैर मिला। अपने पैरों पर पहली बार वजन टिकाते ही उसकी आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। हाथ खो चुके युवाओं को जब कृत्रिम हाथ मिले, तो उनकी आंखों में भविष्य के नए सपने तैरने लगे। लाभार्थियों ने गदगद कंठ से कहा, "भगवान ने आज फिर से हमारा हाथ थाम लिया है।"
भाविप का यह चिकित्सा शिविर नहीं, बल्कि मानवता की सबसे बड़ी इबादत - एसपी यादव
स्वर्गीय मनीष काबरा की पुण्य स्मृति में आयोजित इस पुनीत कार्य का अवलोकन करते हुए जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह यादव ने कहा कि सेवा का जो अनुपम दृश्य देख रहा हूँ, वह वास्तव में अभिभूत करने वाला है। भारत विकास परिषद और काबरा परिवार का यह प्रयास केवल एक चिकित्सा शिविर नहीं, बल्कि मानवता की सबसे बड़ी इबादत है।
जब मैं एक दिव्यांग भाई को रेंगते हुए आने के बाद अपने पैरों पर खड़ा होकर जाते देखता हूँ, तो विश्वास पुख्ता होता है कि 'नर सेवा ही नारायण सेवा' है। जो साथी बिना हाथ-पैर के यहाँ आए और आज अपनी आँखों में उम्मीद के आँसू लेकर जा रहे हैं, उनकी यह मुस्कान ही इस आयोजन की असली सार्थकता है। पुलिस प्रशासन हमेशा सुरक्षा के लिए खड़ा है, लेकिन समाज की असली शक्ति ऐसे ही सेवा कार्यों से बनती है। स्वर्गीय मनीष काबरा की स्मृति में प्रज्ज्वलित यह सेवा की ज्योति, अनगिनत परिवारों के अंधेरे जीवन में नया उजाला भर रही है। इस मौके पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक सुरेश भाई ने कहा कि परोपकारी सबसे बड़ी सेवा है। जीवन वह है जिसमें आत्मविश्वास भरा हुआ हो। भारत विकास परिषद ने शरीर के विभिन्न अंग लगाकर अशसक्त को सशक्त करने का कार्य किया है। अंग लगाकर जो आत्मविश्वास दिव्यांगजनों में भरा गया है वह सराहनीय है। पूर्व सांसद सुभाष बहेड़िया, जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह यादव, परिषद के संरक्षक रामेश्वर लाल काबरा, भाजपा नेता लादूराम तेली और लघु उद्योग भारती के रविंद्र जाजू, श्री भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति के डॉक्टर केएस पारीक, शास्त्री नगर माहेश्वरी समाज के अध्यक्ष श्री गोपाल राठी और श्याम चांडक ने भी शिविर की व्यवस्थाओं को देखा। अतिथियों ने जब दिव्यांगों को आत्मनिर्भर बनते देखा, तो वे भी इस सेवा भाव से अभिभूत हो उठे।
जयपुर से बुलाई गई अतिरिक्त टीम
शाखा अध्यक्ष गिरीश अग्रवाल और गोविंद प्रसाद सोडाणी ने बताया कि शिविर में सेवा लेने वालों की बढ़ती संख्या को देखते हुए जयपुर से विशेषज्ञों की एक अतिरिक्त टीम बुलाई गई है, ताकि कोई भी दिव्यांग खाली हाथ न लौटे। शिविर में लगभग 150 व्यक्तियों को कृत्रिम अंग लगाकर उन्हें नया जीवन दिया जा रहा है। शिविर में सक्षम संस्था का भी बड़ा योगदान रहा। दिव्यांग जनों के प्रमाण पत्र में उन्होंने काफी सहयोग किया। ओम शांति वृद्ध आश्रम के वृद्ध जनों को भी व्हीलचेयर प्रदान की गई।
आज होगा भव्य समापन
इस सेवा यज्ञ का समापन समारोह रविवार को होगा, जिसमें राजस्थान सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत और सांसद दामोदर अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। इस अवसर पर विधायक अशोक कोठारी, उद्योगपति रामपाल सोनी, उद्योगपति दिनेश नौलखा, सीएमएचओ डॉ. संजीव शर्मा और एमजीएच अधीक्षक डॉ. अरुण गौड़ भी उपस्थित रहकर दिव्यांगों का उत्साहवर्धन करेंगे।
