खाकी पर भारी बजरी माफिया, सबलपुरा में कोठारी नदी का सीना चीर रहे ट्रैक्टर
करेड़ा (सुरेश)। क्षेत्र के सबलपुरा गांव स्थित कोठारी नदी इन दिनों बजरी माफियाओं के लिए ऐशगाह बन गई है। यहाँ माफिया न केवल प्राकृतिक संपदा का खुलेआम दोहन कर रहे हैं, बल्कि पुलिस की हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए बाकायदा अपना 'इंटेलिजेंस नेटवर्क' भी फैला रखा है। माफियाओं की इस शातिर घेराबंदी के आगे स्थानीय पुलिस पंगु नजर आ रही है।
थाने से नदी तक तैनात है 'मुखबिरों' की फौज
सूत्रों के अनुसार, बजरी माफिया ने थाने के बाहर से लेकर नदी के रास्तों तक अपने गुर्गों को तैनात कर रखा है। जैसे ही पुलिस की गाड़ी या कोई संदिग्ध वाहन थाने से बाहर निकलता है, ये मुखबिर तुरंत मोबाइल के जरिए नदी में अवैध खनन कर रहे ट्रैक्टर चालकों को अलर्ट कर देते हैं। चंद मिनटों में माफिया अपने ट्रैक्टर और मशीनें लेकर ओझल हो जाते हैं।
ग्रामीणों की शिकायतें हो रही नाकाम
परेशान ग्रामीणों ने कई बार '112' नंबर पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी, लेकिन हर बार नतीजा सिफर रहा। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक पुलिस की गाड़ी नदी तक पहुँचती है, तब तक माफिया के शातिर नेटवर्क की वजह से वहाँ एक भी ट्रैक्टर नहीं मिलता। माफियाओं के इस चक्रव्यूह ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान लगा दिए हैं कि आखिर उनकी सूचना लीक कैसे हो रही है।