खजूरी पंचायत प्रशासन की मनमानी: गांव में पसरी गंदगी, आक्रोशित महिलाओं ने किया पंचायत भवन का घेराव
खजूरी (अक्षय पारीक) । खजूरी उपतहसील मुख्यालय के ग्राम पंचायत प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। स्वच्छ भारत मिशन के दावों के बीच खजूरी ग्राम में पिछले कई दिनों से घर-घर कचरा संग्रहण का कार्य ठप पड़ा है, जिससे गलियों और मोहल्लों में गंदगी के ढेर लग गए हैं।
भुगतान के अभाव में थमे ट्रैक्टर के पहिए
जानकारी के अनुसार, खजूरी में 23, 26 और 27 मार्च 2026 को कचरा संग्रहण के संबंध में खबरें प्रकाशित होने के बावजूद प्रशासन ने कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया। 24 मार्च से ही कचरा उठाने वाला ट्रैक्टर बंद पड़ा है। जब इस संबंध में ट्रैक्टर मालिक से पूछताछ की गई, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। मालिक का कहना है कि पंचायत द्वारा लंबे समय से उसे भुगतान नहीं किया गया है, जिसके चलते उसने काम बंद कर दिया है।
पंचायत भवन से नदारद रहे जिम्मेदार, महिलाओं का धरना
प्रशासन की इस नाकामी से त्रस्त होकर खजूरी की बड़ी संख्या में महिलाएं सोमवार, 13 अप्रैल 2026 की सुबह 10:00 बजे ज्ञापन देने पंचायत भवन पहुंचीं। लेकिन हैरानी की बात यह रही कि सुबह 11:00 बजे तक न तो सरपंच मौजूद थे और न ही सचिव। जिम्मेदार अधिकारियों के न मिलने पर आक्रोशित महिलाएं पंचायत के मुख्य गेट के बाहर ही धरने पर बैठ गईं।
मामला गरमाता देख उच्च अधिकारियों ने दखल दिया और पंचायत के चपरासी को फोन कर महिलाओं का ज्ञापन लेने के निर्देश दिए। महिलाओं ने आरोप लगाया कि सरपंच और सचिव अक्सर कार्यालय से नदारद रहते हैं।
लाखों के बजट के बाद भी सफाई में 'लीपापोती'
ज्ञापन सौंपने वाली महिलाओं ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार की ओर से सफाई के नाम पर लाखों रुपये का बजट आता है, लेकिन धरातल पर केवल लीपापोती हो रही है। उनके पास इस बजट का कोई स्पष्ट हिसाब नहीं है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही कचरा संग्रहण का ट्रैक्टर पुनः चालू नहीं किया गया और गंदगी नहीं हटाई गई, तो वे मुख्य मार्ग और पंचायत भवन का घेराव करेंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
