मंगरोप स्कूल में 10 माह से शारीरिक शिक्षक का पद खाली, अभिभावकों में रोष
मंगरोप। राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल मंगरोप में पिछले करीब 10 महीनों से शारीरिक शिक्षक का पद रिक्त होने के कारण स्कूल की व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं। शारीरिक शिक्षक के अभाव में जहां छात्रों का शारीरिक विकास बाधित हो रहा है, वहीं स्कूल में अनुशासनहीनता भी लगातार बढ़ती जा रही है। इस स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों और अभिभावकों में नाराजगी है और उन्होंने जल्द नियुक्ति की मांग की है।
अभिभावकों और ग्रामीणों ने बताया कि शारीरिक शिक्षक की अनुपस्थिति के चलते स्कूल में खेल गतिविधियां पूरी तरह ठप पड़ी हैं। बच्चों को नियमित व्यायाम और खेल का अवसर नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनके शारीरिक विकास पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। साथ ही छात्रों पर नियंत्रण कमजोर होने से कई विद्यार्थी बिना अनुमति स्कूल परिसर से बाहर निकल जाते हैं और गांव में इधर-उधर घूमते नजर आते हैं, जिससे पढ़ाई का समय भी बर्बाद हो रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शारीरिक शिक्षक की भूमिका केवल खेल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं होती, बल्कि वे छात्रों में अनुशासन बनाए रखने में भी अहम योगदान देते हैं। उनकी अनुपस्थिति में अनियमित उपस्थिति, समय से पहले स्कूल छोड़ना और पढ़ाई में रुचि कम होना जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं, जो स्कूल के शैक्षणिक माहौल को प्रभावित कर रही हैं।अभिभावकों का कहना है कि यह मामला सीधे बच्चों के भविष्य से जुड़ा हुआ है। लंबे समय से पद खाली रहना विभागीय लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने शिक्षा विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द शारीरिक शिक्षक की नियुक्ति की जाए, ताकि स्कूल का शैक्षणिक और अनुशासनात्मक वातावरण फिर से बेहतर हो सके। स्थानीय लोगों ने जिला शिक्षा अधिकारी से भी इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
इस संबंध में मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी रामेश्वरलाल जीनगर ने बताया कि उन्हें मंगरोप स्कूल में शारीरिक शिक्षक का पद लंबे समय से खाली होने की जानकारी मिली है। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे इस विषय को उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाएंगे और जल्द से जल्द पद भरने का आग्रह करेंगे, ताकि विद्यार्थियों की शारीरिक विकास से जुड़ी गतिविधियां पुनः सुचारु रूप से संचालित हो सकें।