भीलवाड़ा। संत निरंकारी मंडल भीलवाड़ा द्वारा मानव कल्याण यात्रा के तहत मंगलवार रात्रि को मंडपिया में संत समागम को संत दलबीर सिंह ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि आत्मा व्यक्तिगत चेतना और परमात्मा परम चेतना ईश्वर दर्शन की एक सत्ता के दो पहलू है। आत्मा परमात्मा का अंश है जो शरीर धारण करती है और जन्म मृत्यु के चक्र में बनती है जबकि परमात्मा सर्वव्यापी है। अविनाशी और सभी जीवो की मूल चेतना है जिसका लक्ष्य आत्मा का अज्ञानता के अवतरण से मुक्त होकर अपने वास्तविक स्वरूप परमात्मा में विलीन होना है।
मीडिया प्रभारी लादूलाल ने बताया कि संत समागम में भीलवाड़ा सहित चित्तौड़गढ़, मांडलगढ़, शाहपुरा, आसींद, रायला, गंगापुर आदि क्षेत्रों के भक्तों ने गीत विचार एवं कवि रूप में अपने विचार रखें। समागम के मध्य मंडपिया के जमनालाल, सुखदेव एवं परिवार जनों ने संत का दुपट्टा पहनाकर स्वागत एवं अभिनंदन किया।