चारागाह भूमि पर अवैध अतिक्रमण को हटाने के संबंध में ग्रामवासियो और गौ को प्रेमियों ने दिया ज्ञापन

Update: 2026-01-07 09:10 GMT



बिजौलियाँ(दीपक राठौर) बिजोलिया उपखंड की सभी ग्राम पंचायत के अधीन आने वाली चारागाह भूमि पर हो रहेअवैध अतिक्रमण के संबंध में क्षेत्र वासियों ने उपखंड अधिकारी अजीत सिंह राठौड़ को ज्ञापन देकर अतिक्रमण हटाने की मांग की|

ज्ञापन के तहत बताया कि- बिजौलियों उपखण्ड क्षेत्र की सभी ग्राम पंचायतों के अधीन आने वाली चारागाह भूमियों पर भूमाफियाओं द्वारा अतिक्रमण कर रखा हैं। जिस वजह से गौवंश सहित अन्य मवेशियों के चरने (भोजन) का सकंट उत्पन्न हो गया हैं। गौशालाओं में रह रही गाये भी स्वतन्त्र रूप से विचरण करने हेतु चारागाह में अतिक्रमण के कारण घूम फिर नहीं सकती हैं।

यह कि उच्चतम न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट ने 2011 जगपाल सिंह बनाम पंजाब राज्य सरकार का फैसला दिया जिसमें सभी राज्यों को चारागाह पर अवैध कब्जों को हटवाकर व अवैध कब्जेदारों को नियमित नहीं करने का आदेश दिया था। आदेश के मुख्य बिन्दु इस ऐतिहासिक फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्य सरकारों को निर्देश दिया कि वे चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए एक योजना बनाये उनका पालन करें। इसमें यह भी कहा गया कि किसी भी अवैध कब्जे को नियमित नहीं किया जाये। साथ ही उपखण्ड कार्यालय बिजौलिया की सीमा में आने वाली सभी ग्राम पंचायत मुख्यालय की चारागाह भूमियों का सीमांकन करते हुये सम्पूर्ण चारागाह भूमियों के अतिक्रमण को हटवाकर उनका संरक्षण किया जाएं एवं सम्बन्धित अतिक्रमियों को पाबन्द करें ताकि भविष्य में पुनः अतिक्रमण न करें।

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