बांग्लादेश में नई सरकार का आगाज: प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने संभाली कमान, अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का दिया भरोसा

Update: 2026-02-19 15:19 GMT

 ढाका/नई दिल्ली । बांग्लादेश में एक बड़े राजनीतिक उलटफेर और लंबी अशांति के बाद नई सरकार का गठन हो गया है। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के अध्यक्ष तारिक रहमान ने 17 फरवरी 2026 को देश के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ले ली है। चुनाव में भारी बहुमत से मिली जीत के बाद उन्होंने देश की बागडोर संभालते ही कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाया है।

अल्पसंख्यकों के लिए सुरक्षा का संकल्प

प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के बाद अपने पहले संबोधन में तारिक रहमान ने हिंदू, बौद्ध और ईसाई सहित सभी अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा को अपनी सरकार की शीर्ष प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों हुई हिंसा की घटनाओं के बाद अब किसी भी नागरिक के साथ धर्म या जाति के आधार पर भेदभाव या हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने "एकजुट बांग्लादेश" का आह्वान करते हुए अल्पसंख्यकों के मन में सुरक्षा का भाव वापस लाने का वादा किया।

लॉ एंड ऑर्डर पर सख्त चेतावनी

पीएम रहमान ने प्रशासनिक अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि देश में शांति और कानून का राज स्थापित करना पहली प्राथमिकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि:

भ्रष्टाचार और अपराध: भ्रष्टाचार, जुआ और नशीले पदार्थों के कारोबार में लिप्त लोगों के खिलाफ बिना किसी राजनीतिक दबाव के कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

कानून का शासन: उन्होंने जोर देकर कहा कि अब न तो पार्टी का रसूख काम आएगा और न ही कोई जबरदस्ती चलेगी; राज्य केवल कानून की नीतियों के अनुसार ही संचालित होगा।

भारत के साथ संबंधों पर नजर

तारिक रहमान के प्रधानमंत्री बनते ही भारत और बांग्लादेश के बीच द्विपक्षीय संबंधों के नए अध्याय की उम्मीद की जा रही है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें जीत की बधाई दी है और लोकतांत्रिक व समावेशी बांग्लादेश के प्रति अपना समर्थन दोहराया है। शपथ ग्रहण समारोह में भारत की ओर से लोकसभा अध्यक्ष ने भी शिरकत की।

यह ऐतिहासिक बदलाव बांग्लादेश के लिए स्थिरता और विकास की नई उम्मीद लेकर आया है, हालांकि नई सरकार के सामने अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की बड़ी चुनौतियां होंगी।

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