एआई तकनीक में तेजी से उभर रहा भारत, सही जानकारी और जिम्मेदारी से तय होगा भविष्य
नई दिल्ली भारत मंडपम में बुधवार को फिक्की के लीड्स कार्यक्रम में देश-विदेश के विशेषज्ञों और प्रमुख लोगों ने एआई के भविष्य पर गहरी चर्चा की। इसमें भारत की ताकत और चुनौतियों पर गंभीर चर्चा हुई। अमर उजाला के एमडी तन्मय माहेश्वरी ने चेतावनी दी कि एआई का सही इस्तेमाल जरूरी है, वरना झूठ और भ्रम फैलने का खतरा है। अमर उजाला ने इस कार्यक्रम में मीडिया पार्टनर की भूमिका निभाई। यह आयोजन भारत को एआई तकनीक के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अग्रणी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण रहा।
फिक्की के लीड्स (लीडरशिप, एक्सीलेंस, एडेप्टेबिलिटी, डाइवर्सिटी, सस्टेनेबिलिटी) कार्यक्रम में बुधवार को भारत मंडपम में देश-विदेश के प्रमुख लोगों और विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। दिनभर के सत्रों में वैश्विक बदलाव और विभिन्न देशों की लीडरशिप की भूमिका पर चर्चा हुई। ग्लोबल एआई रेस पर सत्र में बीसीजी के एमडी साइबल चक्रवर्ती ने बताया कि 2030 तक एआई की वैश्विक अर्थव्यवस्था में हिस्सेदारी 15.7 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि 70 फीसदी लोग अमेरिकी एआई तकनीक की ओर आकर्षित हैं, लेकिन भारत भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। चक्रवर्ती ने एआई के तीन आधार- रिसर्च, निवेश और स्किलिंग के साथ नैतिकता और राष्ट्रीय नीतियों को किसी भी सूरत में नजरंदाज नहीं करने की सलाह दी।
एआई प्रोडक्ट बनाने में भारत तीसरे नंबर पर
इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना तकनीक मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव, राष्ट्रीय सूचना केंद्र के महानिदेशक व इंडिया एआई मिशन के सीईओ अभिषेक सिंह ने कहा कि भारत अमेरिका और चीन के बाद तीसरे नंबर पर है, जो अपने एआई प्रोडक्ट बना रहा है। टीसीएस, विप्रो जैसी कंपनियां इसमें बड़ी भूमिका निभा रही हैं। भारत के पास मजबूत एआई इकोसिस्टम और सात पिलर हैं, जो हेल्थ, कृषि और जीवन को आसान बनाने में मदद कर रहे हैं। गूगल इंडिया की एमडी रोमा दत्ता चौबे ने कहा कि भारत सस्ते और प्रभावी एआई मॉडल बना रहा है, जो हेल्थ और कॉरपोरेट सेक्टर में क्रांति लाएगा।
एआई के साथ सही जानकारी और जिम्मेदारी जरूरी: तन्मय माहेश्वरी
अमर उजाला के एमडी ने साफ कहा, एआई में सही जानकारी की पहचान मुश्किल है। न्यूज के असली या एआई जनरेटेड होने का भ्रम रहता है। भारत में एआई को अपनाने से ज्यादा इसके सही इस्तेमाल की चुनौती है। कम खर्च में ज्यादा काम करना अच्छा है, लेकिन झूठ और भ्रम से बचना जरूरी है। उन्होंने एआई के जिम्मेदार उपयोग की जरूरत को रेखांकित किया।
एआई की अलग-अलग भूमिका पर हुई बात
इस्राइल की टेक्सपीरियंस के सीईओ किरिल स्माइलेंस्की ने कृषि और खाद्य प्रसंस्करण में एआई की भूमिका को साझा किया। जर्मन कंपनी ईडीएजी के सीईओ रेनर विच ने एआई को बदलाव का माध्यम बताया, जो उत्पादकता बढ़ाएगा। यूएस की प्योर स्टोरेज के रिचर्ड गलवेज ने डेटा और तकनीक के आदान-प्रदान पर जोर दिया। प्रोटियन ई जीओवी टेक्नोलॉजीज के सुरेश सेठी ने हेल्थ और शिक्षा में एआई की सकारात्मक भूमिका की बात की।
