नई दिल्ली भारत के 77वें गणतंत्र दिवस पर इस बार आसमान में कुछ खास नजर आने वाला है। भारतीय वायुसेना के फ्लाईपास्ट में पहली बार ‘ऑपरेशन सिंदूर’ फॉर्मेशन शामिल किया जाएगा, जो पाकिस्तान के खिलाफ मई 2025 में की गई सटीक सैन्य कार्रवाई की ताकत का प्रतीक है। यह फ्लाईपास्ट सिर्फ शक्ति प्रदर्शन नहीं, बल्कि भारत की रणनीतिक क्षमता, तकनीकी बढ़त और तीनों सेनाओं के तालमेल का संदेश भी देगा। इस फ्लाईपास्ट में कुल 29 एयरक्राफ्ट शामिल होंगे, जिनमें 16 लड़ाकू विमान, 9 हेलिकॉप्टर और 4 परिवहन विमान होंगे।
ये सभी विमान देश के छह अलग-अलग एयरबेस से उड़ान भरेंगे। वायुसेना अलग-अलग फॉर्मेशन दिखाएगी, जिनमें ऑपरेशन सिंदूर, ध्वज, प्रहार, गरुड़, अर्जन, वरुण और वज्रांग शामिल हैं। ऑपरेशन सिंदूर फॉर्मेशन में 2 राफेल, 2 मिग-29, 2 सुखोई-30 और 1 जैगुआर लड़ाकू विमान शामिल होंगे।
सभी विमान ऑपरेशन सिंदूर का थे हिस्सा
ये सभी विमान मई 2025 में पाकिस्तान के खिलाफ की गई ऑपरेशन सिंदूर कार्रवाई का हिस्सा थे। इस फॉर्मेशन में ऑपरेशन सिंदूर का झंडा भी दिखाया जाएगा। इतना ही नहीं फ्लाईपास्ट में C-130 और C-295 परिवहन विमान, नौसेना का P-8I विमान, एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर (एएलएच), अपाचे हेलिकॉप्टर और लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर (एलसीएच) भी शामिल होंगे।
पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर हुई थी कार्रवाई
बता दें कि पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। इसके तहत पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाकों में आतंकी ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए गए। इसके बाद चार दिनों तक सैन्य तनाव चला, जो 10 मई की शाम को रोकने पर सहमति के साथ खत्म हुआ।
वायुसेना करेगी गणतंत्र दिवस कार्यक्रम की अगुवाई
इस साल गणतंत्र दिवस से जुड़े सभी औपचारिक कार्यक्रमों की अगुवाई भारतीय वायुसेना कर रही है। वायुसेना की मार्चिंग टुकड़ी में 144 युवा एयर वॉरियर्स शामिल होंगे। इसका नेतृत्व स्क्वाड्रन लीडर जगदेश कुमार करेंगे। खास बात यह है कि वायुसेना बैंड में कुल 72 संगीतकार होंगे, जिनमें 57 अग्निवीर वायु और 9 महिला अग्निवीर वायु शामिल होंगी, जिन्हें पहली बार बैंड में शामिल किया गया है। बैंड राष्ट्रपति के मंच के सामने 'साउंड बैरियर' धुन बजाएगा।
पूर्व सैनिकों की झांकी भी होगी खास
इस साल की परेड में पूर्व सैनिकों की विशेष झांकी 'संग्राम से राष्ट्र निर्माण तक' भी शामिल होगी। इसमें अमर जवान ज्योति, पुराने युद्धों के टैंक, लड़ाकू विमान और युद्धपोत दिखाए जाएंगे। झांकी का पिछला हिस्सा देश के विकास में पूर्व सैनिकों की भूमिका को दर्शाएगा।
यूरोपीय संघ के शीर्ष नेता होंगे मुख्य अतिथि
गौरतलब है कि इस बार गणतंत्र दिवस परेड में यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डर लेयेन मुख्य अतिथि होंगे। इस भव्य आयोजन के जरिए भारत अपनी सैन्य ताकत, स्वदेशी हथियारों और अनुशासित बलों का प्रदर्शन पूरी दुनिया के सामने करेगा।
