कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव की तैयारी: जोनल कॉन्फ्रेंसों का आगाज
नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि क्षेत्र को नई दिशा और गति देने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की घोषणा की है। मंत्रालय द्वारा आज से देश भर में जोनल कॉन्फ्रेंसों की श्रृंखला शुरू की जा रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य रबी और खरीफ फसलों के लिए एक प्रभावी और सुदृढ़ कार्ययोजना तैयार करना है।
अन्न भंडार से पोषण तक: तीन मुख्य लक्ष्य
कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार तीन प्रमुख उद्देश्यों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। पहला, देश की खाद्य सुरक्षा को इस कदर सुनिश्चित करना कि अन्न के भंडार सदैव भरे रहें। दूसरा, किसानों की आय में वृद्धि कर उनके जीवन स्तर को उन्नत बनाना और तीसरा, न केवल भारत की जनता को पर्याप्त पोषण देना, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर वैश्विक खाद्यान्न आपूर्ति में भी योगदान देना।
किसानों के हित में 6-सूत्री रणनीति
इन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सरकार ने एक 6-सूत्रीय मास्टर प्लान तैयार किया है, जिसमें मुख्य रूप से उत्पादन बढ़ाना, खेती की लागत को कम करना और किसानों को उनकी उपज का सही दाम दिलाना शामिल है। मंत्री चौहान ने प्राकृतिक आपदाओं के प्रति भी चिंता व्यक्त की और कहा कि 'मौसम की मार' से होने वाले नुकसान की भरपाई करना सरकार की प्राथमिकता है।
दलहन-तिलहन और आधुनिक तकनीक पर जोर
देश की आत्मनिर्भरता को लेकर उन्होंने कहा कि वर्तमान में दलहन और तिलहन का आयात करना पड़ता है, जिसे कम करने के लिए विविधीकरण (Diversification) पर चर्चा की जाएगी। इसके अतिरिक्त, उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए आधुनिक कृषि पद्धतियों, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग जैसी तकनीकों के उपयोग के साथ-साथ प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर विशेष मंथन किया जाएगा।