2 मासूमों की मौत के बाद दहशत, 9 अन्य संक्रमित; भोपाल से विशेषज्ञों की टीम रवाना
नीमच अमित। जिले का मनासा कस्बा इन दिनों एक अज्ञात और दुर्लभ बीमारी जीबीएस (गिलियन बार्रे सिंड्रोम) की चपेट में है। इस बीमारी से अब तक दो बच्चों की जान जा चुकी है, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। वर्तमान में 9 और संदिग्ध मरीज मिले हैं, जिनका इलाज मध्य प्रदेश के साथ-साथ राजस्थान और गुजरात के विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है।
क्या है GBS और इसके लक्षण?
चिकित्सकों के अनुसार, जीबीएस एक ऑटो इम्यून बीमारी है। इसकी शुरुआत पैरों में दर्द और अकड़न से होती है। धीरे-धीरे यह संक्रमण मांसपेशियों से होता हुआ नसों तक फैल जाता है। कई लोग इसे शुरुआती दौर में लकवा समझने की भूल कर बैठते हैं, लेकिन संक्रमण बढ़ने पर यह जानलेवा साबित होता है। इसका इलाज IVIG इंजेक्शन के माध्यम से किया जाता है।
प्रशासनिक मुस्तैदी और जाँच
घटना की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने नीमच मेडिकल कॉलेज के 5 डॉक्टरों की विशेष टीम मनासा भेजी है। इसके साथ ही:
* भोपाल से टीम बुलाई: बीमारी के कारणों का पता लगाने के लिए भोपाल से विशेषज्ञों की एक उच्च स्तरीय टीम बुलाई गई है।
* घर-घर सर्वे: स्वास्थ्य विभाग की टीमें मनासा के हर वार्ड में जाकर संदिग्धों की जानकारी जुटा रही हैं।
* पानी की जाँच: नगर परिषद ने सभी वार्डों से पानी के सैंपल लिए हैं, हालांकि शुरुआती जाँच में पानी की शुद्धता सही पाई गई है।
राहत की खबर
नगर परिषद अध्यक्ष डॉ. सीमा तिवारी और प्रभारी सीएमओ ने बताया कि भर्ती 9 मरीजों में से 8 की स्थिति में सुधार है और वे रिकवर कर रहे हैं। दो मरीज अभी भी आईसीयू में हैं, लेकिन उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि पैरों में दर्द या अकड़न जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
भीलवाड़ा हलचल: स्वास्थ्य और अपने आस-पास की हर बड़ी खबर के लिए हमसे जुड़े रहें।
