पंचायत-निकाय चुनाव?: तैयारियों में जुटा आयोग, … मतदाता सूची तैयार,सरकार की प्रक्रिया अधूरी
जयपुर। प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं और शहरी निकायों के चुनावों को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। जहां राज्य सरकार चुनाव संबंधी तैयारियों को अंतिम रूप नहीं दे पाई है, वहीं राज्य निर्वाचन आयोग ने अपनी ओर से तैयारियां तेज कर दी हैं। आयोग ने इन चुनावों में भाग लेने वाले प्रतिनिधियों के लिए चुनाव चिह्न जारी कर दिए हैं।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, शहरी निकायों की मतदाता सूचियों को 1 अगस्त को अंतिम रूप दिया जाएगा। हालांकि अभी तक राज्य सरकार की ओर से परिसीमन की प्रक्रिया और चुनाव की सिफारिश आयोग को नहीं भेजी गई है।
संविधान संशोधन और कानूनी प्रावधानों के अनुसार, विशेष परिस्थितियों को छोड़कर पंचायती राज और शहरी निकायों के चुनाव पांच वर्ष पूरे होने पर कराना अनिवार्य है। चुनाव समय पर कराने की इसी बाध्यता के चलते राज्य निर्वाचन आयोग का गठन किया गया है और उसे वैधानिक दर्जा प्राप्त है।
राज्य सरकार ने अपने बजट में 'वन स्टेट-वन इलेक्शन' की घोषणा की थी। वर्तमान में पंचायती राज संस्थाओं व शहरी निकायों के सीमांकन (परिसीमन) की प्रक्रिया जारी है। परिसीमन के बाद राज्य सरकार की ओर से चुनाव कराने की सिफारिश राज्य निर्वाचन आयोग को भेजी जाएगी, जिसके बाद चुनाव कार्यक्रम घोषित किया जाएगा।
चुनाव नहीं कराए जाने को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट में कई याचिकाएं दायर की जा चुकी हैं, जो फिलहाल विचाराधीन हैं। इससे पहले भी समय पर चुनाव नहीं होने पर अदालतों ने राज्य सरकारों को फटकार लगाई है।
राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि वह चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के लिए तैयार है, लेकिन इसे लेकर अंतिम निर्णय सरकार की सिफारिश पर ही आधारित होगा। ऐसे में अब सबकी नजरें सरकार की ओर हैं कि वह कब तक औपचारिक सिफारिश भेजती है और राज्य में लोकतांत्रिक संस्थाओं के चुनाव करवाने की दिशा में कदम बढ़ाती है।
